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गोरखपुर में रेप के मामले में तीन को सजा, नाबालिग से योन उत्पीड़न केस में एक को मिली 22 साल की कैद

फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस विभाग ने इसे नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बताया है.

कोर्ट ने अलग-अलग रेप के मामले में तीन को सुनाई सजा.
कोर्ट ने अलग-अलग रेप के मामले में तीन को सुनाई सजा. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 29, 2026 at 9:00 PM IST

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गोरखपुर : रेप के अलग-अलग मामले में कोर्ट ने तीन को सजा सुनाई है. नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में एक आरोपी को 22 साल की सजा मिली है. कोर्ट ने आरोपी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामला 2023 में थाना गोरखनाथ क्षेत्र का है. विशेष पॉक्सो कोर्ट- 1 ने आरोपी को दोषी करार देते सजा सुनाई है.

पुलिस मीडिया सेल से जारी रिपोर्ट में बताया गया है, थाना गोरखनाथ में 2023 में धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले में अभियुक्त मुकेश कुमार पुत्र बेचन प्रसाद, निवासी निकट मातेश्वरी मंदिर, मिर्जापुर पचपेड़वा, थाना गोरखनाथ पर नाबालिग से यौन उत्पीड़न का आरोप था.

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था. तेजी से कार्रवाई हो इसके लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर पर पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल लगातार मामले की निगरानी कर रहे थे.

अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर न्यायालय विशेष पॉक्सो-1 गोरखपुर ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई है. फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस विभाग ने इसे नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बताया है.

अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. इस महत्वपूर्ण मामले में अभियोजन अधिकारी एडीजीसी राघवेन्द्र राम त्रिपाठी की भूमिका भी बेहद अहम रही. गोरखपुर पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर मामलों में तेजी से कार्रवाई कर अपराधियों को सजा दिलाने का अभियान जारी रहेगा.

वहीं एक अन्य मामले में वर्ष 2023 में थाना गोरखनाथ पर पंजीकृत दुष्कर्म के अभियोग में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय एसीजेएम फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 गोरखपुर द्वारा अभियुक्त सचिन गुप्ता को अपराध का दोषी पाये जाने पर 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 23,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है.

एक अन्य मामले में वर्ष 2020 में थाना सिकरीगंज पर पंजीकृत नाबालिग से यौन उत्पीड़न के अभियोग में दोष सिद्ध होने पर, न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-4 गोरखपुर द्वारा अभियुक्त कुर्बान अली को अपराध का दोषी पाये जाने पर 5 वर्ष का कारावास व 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है. इस मामले के आरोपी के दोषसिद्धी में ADGC संजीत कुमार शाही और उमेश मिश्रा का अमूल्य योगदान रहा.

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