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किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कारावास, जुर्माना भी

18 दिसंबर 2023 को मौदहा कोतवाली में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास (Photo credit;ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 10:15 AM IST

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हमीरपुर: मौदहा कोतवाली क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के करीब ढाई साल पुराने मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है. विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने शनिवार को मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी लालू यादव उर्फ लक्ष्मी नारायण को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं में कुल 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

मामला 17 दिसंबर 2023 का है. मौदहा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने पुलिस को सूचना देकर बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी खेत में शौच के लिए गई थी. आरोप था कि इसी दौरान गांव का ही लालू यादव उर्फ लक्ष्मी नारायण उसे जबरन खेत की ओर खींच ले गया. वहां उसने किशोरी का मुंह दबाकर जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया.

घटना के बाद पीड़िता के पिता की सूचना पर 18 दिसंबर 2023 को मौदहा कोतवाली में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू करते हुए पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया. इसके साथ ही उसके बयान दर्ज किए गए. विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया.


गवाह और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध: मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट कोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना से संबंधित साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए. दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाया.

विशेष न्यायाधीश ने पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

एससी/एसटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं में भी सजा: अदालत ने आईपीसी की धारा 504 और 506 के तहत भी आरोपी को दोषी माना. दोनों धाराओं में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई. इसके अलावा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई. धारा 3(1) की संबंधित धाराओं में भी एक वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड का दंड सुनाया गया.

इस तरह विभिन्न धाराओं में आरोपी पर कुल 18 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. अदालत ने आदेश दिया कि सभी कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी.



फतेहपुर में दुष्कर्म के दोषी को सात साल की सजा: फतेहपुर के असोथर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो की विशेष अदालत ने शनिवार को आरोपी सुधीर यादव को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड न जमा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

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