यूकेडी की कुमाऊं क्रांति यात्रा में गरजे आशीष नेगी, 2027 में सत्ता में आने का किया दावा
उत्तराखंड क्रांति दल की कुमाऊं क्रांति संवाद यात्रा पहुंची खटीमा, ईटीवी भारत पर बातचीत में यूकेडी नेता आशीष नेगी ने साझा की आगे की रणनीति

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 23, 2026 at 10:42 PM IST
खटीमा: उत्तराखंड क्रांति दल आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर जमीनी स्तर में जुट चुकी है. इसी कड़ी में यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष फायर ब्रांड नेता आशीष नेगी कुमाऊं क्रांति संवाद यात्रा 2026 के अंतिम पड़ाव में खटीमा पहुंचे. जहां उन्होंने यूकेडी में जान फूंकने का काम किया.
बता दें कि उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में निकाली जा रही कुमाऊं क्रांति संवाद यात्रा 2026 सोमवार को अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव खटीमा पहुंची. राज्य आंदोलन शहीदों को नमन करने के बाद यात्रा में पहुंचे यूकेडी नेताओं ने स्थानीय लोगों से एक निजी वैंक्वेट हॉल में संवाद किया. इस दौरान उत्तराखंड में मूल निवास, सख्त भू कानून समेत गैरसैंण स्थाई राजधानी के लिए यूकेडी को 2027 में सत्ता में लाने की अपील की.
70 सीटों पर चुनाव लड़ कर सत्ता में आने का दावा: ईटीवी भारत से बातचीत में आशीष नेगी ने जहां कुमाऊं भर में यूकेडी की स्वीकार्यता की बात कही तो वहीं उन्होंने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़कर जन आशीर्वाद से सत्ता में आने का दावा किया. उन्होंने सत्ता में आते ही सख्त भू कानून, मूल निवास 1950 समेत गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के अपने वादे को भी पूरा करने का संकल्प दोहराया.

विधानसभा चुनाव में यूकेडी को मिलेगा जनता का आशीर्वाद: यूकेडी नेता आशीष नेगी ने कहा कि जिस तरह पूरे कुमाऊं में यूकेडी के प्रति आमजन की भावना देखने को मिली, निश्चित ही आने वाले चुनाव में पार्टी को आमजन का भारी आशीर्वाद मिलेगा. यूकेडी के बड़े नेताओं का कुमाऊं कार्यस्थलीय रही है. इसलिए यूकेडी की पूरे कुमाऊं में स्वीकार्यता है.

यूकेडी में जान फूंकने का किया काम: वहीं, आशीष नेगी ने बताया कि संगठन की दृष्टि से 3,600 बूथों में पार्टी संगठन खड़ा कर चुकी है. 11 हजार 500 बूथों में पार्टी बूथ अध्यक्ष, बूथ प्रभारी नियुक्त कर रहे हैं. पार्टी सभी 70 विधानसभाओं में मजबूती से चुनाव लड़ने जा रही है. क्योंकि, राष्ट्रीय पार्टियों से जनता का मोहभंग हो चुका है. क्षेत्रीय दल की ओर इस बार उत्तराखंड की जनता उम्मीदों के साथ देख रही है.

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