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छत्तीसगढ़ में मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी, जशपुर से लेकर धमतरी और दुर्ग से लेकर महासमुंद तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार मनरेगा की मूल आत्मा को खत्म करना चाहती है.

MNREGA VERSUS G RAM JI
मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 11, 2026 at 4:21 PM IST

6 Min Read
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जशपुर/धमतरी/दुर्ग/महासमुदं: मनरेगा बनाम जी राम जी योजना को लेकर चल रहा सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. जशपुर और धमतरी में कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन किया. मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गांधी जी के नाम से चली आ रही योजना का नाम बदलना उसकी मूल आत्मा पर चोट करने के बराबर है.

जशपुर में “मनरेगा बचाओ संग्राम”

मनरेगा को उसके पुराने नाम और मूल प्रारूप में लागू किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदर्शन किया. पार्टी ने कुनकुरी में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत ज़िला स्तरीय विरोध प्रदर्शन एवं पत्रकार वार्ता का आयोजन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्रामीण मजदूर मौजूद रहे.

मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी (ETV Bharat)

सह प्रभारी जरिता लैत फ्लांग ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए

प्रेस काँफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ की सह प्रभारी जरिता लैत फ्लांग ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को धीरे-धीरे कमजोर कर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. सह प्रभारी जरिता ने कहा कि वर्ष 2014 में कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से मनरेगा को लागू किया था, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी


यह योजना विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक रही है, जिसकी सराहना विश्व बैंक सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की थी. लेकिन भाजपा की मौजूदा केंद्र सरकार ने इस योजना की “आत्मा पर ही चोट” की है. जमीनी हकीकत यह है कि कहीं भी मजदूरों को 50 दिन का भी काम नहीं मिल रहा, जबकि सरकार दावा कर रही है कि नए प्रारूप में 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार दिया जाएगा: जरिता लैत फ्लांग, कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ की सह प्रभारी


मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने का आरोप

कांग्रेस की सह प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी. उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप और पुराने नाम की बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश और देश भर में गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उपवास, धरना और विरोध प्रदर्शन करेगी. यह आंदोलन जिला मुख्यालयों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाया जाएगा.

मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी (ETV Bharat)

धमतरी के गांधी मैदान में सत्याग्रह और उपवास का आयोजन

मनरेगा का नाम बदले जाने के खिलाफ गांधी मैदान में उपवास सत्याग्रह कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. धरना देकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तानाशाही और जनविरोधी सोच अपनाने का आरोप लगाया. धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तखती के माध्यम से मनरेगा के नाम एवं नियमों मे छेड़छाड़ का विरोध किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और श्रमिक परिवारों के लिए रोज़गार और सम्मान की गारंटी है.

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने की की केंद्र की नीतियों की आलोचना

जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), जिसे वर्ष 2005 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, एक अधिकार-आधारित कानून है जो प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मजदूरी रोजगार की मांग करने का वैधानिक अधिकार देता है. कानून के तहत राज्य सरकार 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है. अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देय होता है. यही वैधानिक गारंटी मनरेगा की मूल और परिभाषित विशेषता है.

सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम ने कहा की मनरेगा ग्रामीण आजीविका सुरक्षा की रीढ़ रहा है. यह प्रतिवर्ष 5-6 करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराता है, मजबूरी में होने वाले पलायन को कम करता है, ग्रामीण मजदूरी बढ़ाता है और टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करता है. इसकी मांग-आधारित संरचना, सुनिश्चित मजदूरी और सीधे बैंक भुगतान की व्यवस्था से विशेष रूप से महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और वंचित समुदायों को लाभ हुआ है, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी कुल कार्य दिवसों का लगभग 60 प्रतिशत है.

पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, लेखराम साहू ने कहा की नया VB-GRAM-G अधिनियम यह काम की वैधानिक गारंटी को समाप्त करता है, निर्णय प्रक्रिया का केंद्रीकरण केंद्र सरकार के हाथों में करता है, ग्राम सभाओं और पंचायतों को कमजोर करता है तथा केंद्र के मजदूरी अंशदान को लगभग 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर देता है, जिससे वित्तीय बोझ राज्यों और श्रमिकों पर डाल दिया जाता है.

मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी (ETV Bharat)

दुर्ग में प्रदर्शन

केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने और उसमें से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी जन आंदोलन की शुरुआत कर दी है. इस आंदोलन के तहत आगामी 45 दिनों तक भाजपा सरकार के खिलाफ राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर दुर्ग के हिंदी भवन के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय उपवास किया

मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर विवाद जारी (ETV Bharat)

महासमुंद में भी धरना

महासमुंद जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर के फव्वारा चौक पर मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा. कांग्रेस की मांग है कि मनरेगा का नाम यथावत रखा जाए. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार मनरेगा का केवल नाम ही नही बदली बल्कि गरीब को रोजगार मांगने का हक समाप्त किया गया है.

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