ब्राह्मण बनाम पासवान बना 'बेचारा' शब्द का विवाद, लगे आरोप पर क्या बोले LJPR विधायक राजू तिवारी
'बेचारा' शब्द का विवाद ब्राह्मण बनाम पासवान होने लगा है. राजद ने राजू तिवारी पर कई गंभीर आरोप लगाए. इसपर राजू तिवारी ने क्या कहा?

Published : February 18, 2026 at 7:45 AM IST
पटना: बिहार में बेचारा शब्द का विवाद बढ़ते-बढ़ते ब्राह्मण बनाम पासवान हो गया है. लोजपा के संस्थापक पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बेचारा कहने पर लोजपा रामविलास ने इसका जमकर विरोध किया. प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी विधायक दल के नेता हैं. ऐसे में राजू तिवारी ने बिहार विधानसभा के अंदर से लेकर बाहर तक आरजेडी के इस शब्द का विरोध किया, धरना प्रदर्शन किए. इस विरोध पर आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा की राजू तिवारी ब्राह्मण हैं. पासवान के मर्म को क्या समझेंगे?
'राजद का दुर्भाग्य': इस बात को लेकर ईटीवी भारत ने राजू तिवारी से खास बातचीत की. पूछा बेचारे की लड़ाई ब्राह्मण बनाम पासवान की होने लगी है. इसपर उन्होंने कहा कि यह उनके दल (RJD) के नीति और नियत का दुर्भाग्य है. हमारे नेता चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान जी का कहना था कि हम उस घर में दिया जलाने चला चले हैं, जिस घर में सदियों से अंधेरा था. वह सभी जात-पात, मजहब की बात करते थे.
"हमारे नेता चिराग पासवान एमवाई (युवा-महिला) की बात करते हैं. ये लोग (RJD) जातीय उन्माद फैलाते हैं. इन लोगों ने हमेशा जाति की राजनीति की है. इसीलिए इनका हस्र यह हुआ है. हम लोग सब की बात करते हैं. अंतिम पायदान पर जो खड़ा व्यक्ति है, उसकी बात करते हैं. कैसे उसकी मूलभूत सुविधा सरकार दे और उसके जीवन को बेहतर कैसे किया जाए हमारे नेता की नियत यही है." -राजू तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, LJPR
'फंस गए तो अमर रहे कहा': राजू तिवारी से जब यह पूछा गया कि आप तो विपरीत परिस्थितियों में भी लोजपा (R) के साथ बने रहे तो उन्होंने कहा यह उन लोगों की सोच दर्शाता है. जो जात-पात की राजनीति करते हैं. जमाना बदल गया है. विकास की बात कीजिए, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बात कीजिए. यह लोग पश्चाताप करने वाले लोग नहीं हैं, पहले यह बेचारा कह कर फंस गए तो आज अमर रहे का नारा लगा रहे हैं.
"ये लोग (RJD) गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग हैं. यह लोग जब फंस गए तो मूर्ति की बात कर रहे हैं. अरे, पहले जो किए हैं, उसकी माफी तो मांग लीजिए." -राजू तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, LJPR
सर्वजीत को रामविलास ने बनाया विधायक: राजू तिवारी ने कहा कि जिस कुमार सर्वजीत की बात आप कर रहे हैं, उस सर्वजीत को पहली बार रामविलास पासवान जी ने ही बिहार विधानसभा के सदन में आने का सौभाग्य दिया था. यह कुमार सर्वजीत की सोच नहीं है. यह जिसके नेतृत्व में काम कर रहे हैं, वे लोग जातीय उन्माद की बात करते हैं. राजू तिवारी ने कहा कि यदि कुमार सर्वजीत में थोड़ी गैरत रहती, इंसानियत रहती तो, जीवन भर उस व्यक्ति के प्रति नमन जरूर रहता, श्रद्धा जरूर रहता.
आरोप पर क्या बोले?: राजू तिवारी से जब यह पूछा गया कि आप पर आरोप लगाया गया है, जबकि आप तो शुरू से लोजपा के साथ हैं. राजू तिवारी ने कहा कि जब कुमार सर्वजीत पहली बार विधायक बने थे तब भी मैं लोजपा में ही था. मेरा सौभाग्य है कि मैं अपने संस्थापक रामविलास पासवान जी के नेतृत्व में राजनीति का ककहरा सीखा है और शुरूआत की है. आज हम चिराग पासवान जी के नेतृत्व में काम कर रहे हैं.
"आरजेडी पार्टी की जो संस्कृति है, जंगलराज की संस्कृति है. भाषाई उन्माद की संस्कृति है. जात-पात की संस्कृति है. भूरा बाल साफ करने वालों की संस्कृति है. वो इन्हीं पदचिह्नों पर चल रहे हैं." -राजू तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, LJPR

क्या है मामला?: दरअसल, राष्ट्रीय जनता दल के बोधगया विधायक सर्वजीत कुमार ने विधानसभा में राम विलास पासवान को 'बेचारा पासवान कहा' कहा था. विधायक ने मांग की थी कि पटना में प्रमुख स्थानों पर रामविलास पासवान की प्रतिमा लगायी जाए. लोजपा आर के विधायक को यह बेचारा शब्द चुभ गए, यहीं से बवाल शुरू हो गया है.
राजू तिवारी पर क्या आरोप लगे?: हालांकि इस दौरान विधानसभा में मौजूद लोजपा रामविलास के विधायक राजू तिवारी ने इस शब्द का विरोध जताया तो उस वक्त राजद के नेताओं ने उल्टे उनपर ही आरोप लगा दिए. कहा कि ब्राह्मण होकर पासवान का मर्म क्या समझेंगे. इस दौरान यह भी आरोप लगाया कि जब दिल्ली में रामविलास पासवान की प्रतिमा हटायी जा रही थी, उस समय आपकी जुबान क्यों बंद थी.
ये भी पढ़ें:

