शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर विवाद, VSK ऐप से निजता का बताया खतरा, बेमेतरा में सौंपा गया ज्ञापन
छत्तीसगढ़ हेडमास्टर वेलफेयर एसोसिएशन उपस्थिति की नई व्यवस्था पर आपत्ति जताई है. साइबर ठगी की आशंका जताते हुए फिर से विचार करने की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 2:08 PM IST
बेमेतरा: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. 'छत्तीसगढ़ हेडमास्टर वेलफेयर एसोसिएशन' ने अब शासन की नई व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह बिसेन के नेतृत्व में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को प्रदेश के शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है.
शिक्षकों ने जताई साइबर ठगी की आशंका: दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में 'विद्या समीक्षा केंद्र' (VSK) ऐप के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की है. शिक्षकों का आरोप है कि इस ऐप के इस्तेमाल से उनकी निजता (Privacy) और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा है. साथ ही, शिक्षकों ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए ठगी की आशंका भी जताई है. शिक्षकों की मांग है कि इस अनिवार्य ऑनलाइन व्यवस्था पर फिर से विचार किया जाए. इसे लेकर उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन भी सौंपा है.
हमें भी दिया जाए मोबाइल: प्रदेश प्रधान पाठक संघ के प्रदेश सचिव त्रिभुवन दास वैष्णव ने कहा कि हम शासन के द्वारा बनाए गए ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में नहीं है. परंतु हम चाहते हैं कि जैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को, पटवारियों को और कृषि विस्तार अधिकारियों को शासन ने मोबाइल दिया है वैसे ही हमको भी दिया जाए.
निजी मोबाइल में लॉगिन से हमें डेटा ट्रांसफर और निजता के हनन का डर है.- त्रिभुवन दास वैष्णव, प्रदेश सचिव
अभी कड़ाई से नहीं होगा पालन: छत्तीसगढ़ हेडमास्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मिथलेश बिसेन ने कहा कि हमने VSK APP के विरोध में प्रदेश के शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव के नाम जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. डीईओ सर ने हमें भरोसा दिया है कि अभी कड़ाई से आदेश को लागू नहीं करेंगे. अभी ऐप परीक्षण में है. हमारी आपत्तियों के निराकरण के बाद इसे लागू किया जाएगा.

बेमेतरा जिला में निर्देश का हो रहा नियमित पालन: बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी गेंद राम चतुर्वेदी ने इस मामले पर कहा, प्रधान पाठक एसोसिएशन की ओर से ज्ञापन प्राप्त हुआ है. इसमें उठाई गई मांगों और आपत्तियों को वरिष्ठ कार्यालय, शिक्षा सचिव और मंत्री जी तक प्रेषित कर दिया जाएगा. जिस दिन से हमें आदेश प्राप्त हुआ है जिले के स्कूलों में शत प्रतिशत पालन कराया जा रहा है.

