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बस्तर पंडुम में सम्मान नहीं मिलने से प्रतिभागी नाराज, छलका दर्द, प्रशासन पर उठाए सवाल

बस्तर पंडुम का जगदलपुर में समापन हो गया है. इस आयोजन को लेकर कुछ प्रतिभागियों ने अपनी पीड़ा साझा की है.

Allegations regarding the Bastar Pandum festival
बस्तर पंडुम को लेकर आरोप (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 9, 2026 at 10:27 PM IST

3 Min Read
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बस्तर: बस्तर पंडुम में विजेताओं को मंच पर स्थान नहीं मिलने की बात सामने आई है. इसको लेकर प्रतिभागियों ने अपनी पीड़ा साझा की है. 12 विधाओं में हिस्सा लिए प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें बड़े मंच से सम्मान मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी यह उम्मीद उस वक्त बुरी तरह से टूट गई जब केंद्रीय गृह मंत्री के मंच से केवल प्रथम पुरस्कार पाने वाले को ही मंच पर स्थान दिया और उन्हें सम्मानित किया गया.

सिर्फ पहला स्थान पाने वालों को बुलाया गया

बस्तर पंडुम में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों का आरोप है कि 12 विधाओं में दूसरे और तीसरे नम्बर पर जीत दर्ज करने वाले प्रतिभागियों को भूल गए. प्रतिभागियों ने पर आरोप लगाते हुए कहा किन केवल जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भुलाने का काम किया. बल्कि बस्तर पंडुम का आयोजन करने वाले अधिकारियों ने भी उन्हें याद नहीं किया. गृह मंत्री के जाते ही सभी अधिकारी भी अन्य कलाकारों को छोड़ कर भाग निकले. प्रतिभागियों ने अपना दर्द मीडिया से साझा किया और कहा कि प्रशासन बस्तर के जनजातीय समुदाय को सम्मान देने की बात कहते जरूर हैं लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिल पाता है.

बस्तर पंडुम पर विवाद (ETV BHARAT)

बस्तर पंडुम के प्रतिभागियों का प्रशासन पर आरोप

बस्तर पंडुम के प्रतिभागियों ने बस्तर जिला प्रशासन और आयोजनकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रतिभागी महादेव नाग ने बताया कि वे संभागीय बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुए थे. अंतिम दिन में 12 विधाओं के रिजल्ट द्वितीय और तृतीय का बताया नहीं गया. संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागी अंतिम समय तक डटे रहे लेकिन उन्हें रिजल्ट नहीं बताया गया

पिछले 3 दिनों से अपने कामो को छोड़कर बस्तर पंडुम में शामिल हुए हैं. जैसे ही अमित शाह चले गए वैसे ही सभी अधिकारी कार्यक्रम स्थल से गायब हो गए. अभी वापस अपने घरों के लिए जा रहे हैं. क्योंकि कुछ लोगों के लिए सरकारी व्यवस्था थी और कई लोग खुद अपने खर्च से कार्यक्रम में पहुंचे थे- महादेव नाग, प्रतिभागी, बस्तर पंडुम

बस्तर पंडुम में कलाकारों की महत्व नहीं समझा गया. हम 3-4 दिनों से अपने काम और पढ़ाई को छोड़कर आये हुए थे. आने वाले सालों में होने वाले बस्तर पंडुम में शामिल नहीं होंगे- निवेंद्र बढ़ाई, प्रतिभागी, बस्तर पंडुम

क्या है जिला प्रशासन का पक्ष ?

आदिवासी विकास शाखा के सहायक आयुक्त जीएस शोरी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री की व्यस्तता के कारण मंच से अनाउंसमेंट जैसी व्यवस्था नहीं हो पाई. इस बात की जानकारी उनके प्रभारियों को दे दी गई थी.जनजातीय कलाकारों का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया.यह प्रोग्राम केवल जनजातीय समुदाय के कलाकारों का ही है.

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