साइज में छोटा निकला पिज्जा, आयोग ने ऑनलाइन डिलीवरी एप व कैफे पर ठोका 10,520 रुपये का जुर्माना
शिकायकर्ता का आरोप था कि उसने 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर किया था, लेकिन उसे सात इंच का पिज्जा डिलीवर हुआ.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 21, 2026 at 5:11 PM IST
हरिद्वार: जिला उपभोक्ता आयोग हरिद्वार ने ऑनलाइन ऐप से 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर करने पर सात इंच का पिज्जा डिलीवर करने और रिफंड न देने के मामले में ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और कैफे को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है. कुल मिलाकर कंपनी को 520 रुपए का पिज्जा 10520 रुपए का पड़ गया. वहीं इस कार्रवाई के बाद लोगों द्वारा ग्राहक को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने पर सराहना भी की जा रही है.
दरअसल, ज्वालापुर निवासी शिकायतकर्ता राजत्रेहन ने उपभोक्ता आयोग ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि 10 मार्च 2020 को मोबाइल ऐप के माध्यम से उन्होंने 505 रुपये कीमत के दो पिज्जा ऑर्डर किए थे. ऐप पर पिज्जा का साइज 10 इंच दर्शाया गया था. वहीं जब उन्होंने डिलीवरी मिलने पर पिज्जा का साइज़ चेक किया तो पिज्जा का आकार सात इंच निकला था. उसी समय उपभोक्ता ने कस्टमर केयर से संपर्क किया, तो कंपनी ने शिकायत से सहमत होने के बावजूद रिफंड देने से साफ मना कर दिया था.
इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही कानूनी नोटिस भी भेजा. संतोषजनक जवाब न मिलने पर शिकायतकर्ता ने आयोग की शरण ली थी. आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत व रंजना गोयल ने दोनों को ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और कैपे को संयुक्त रूप से सेवा में कमी करने का के दोषी ठहराया हैं. साथ ही पिज्जा का मूल्य 505 रुपए व डिलीवरी चार्ज 15 रुपये, मानसिक व शारीरिक मानसिक क्षतिपूर्ति पांच हजार रुपए और वाद खर्च के पांच हजार रुपए कुल 10,520 रुपए का भुगतान करने के आदेश दिए हैं.
उपभोक्ता आयोग का यह फैसला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. एक तरफ मजाक उड़ाया जा रहा है कि कम्पनी और कैफे को एक पिज्जा 10520 रुपये का पड़ गया. वहीं दूसरी तरह इसे ग्राहकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने से भी जोड़ा जा रहा है. सीख भी मिल रही है कि ग्राहकों को केवल विज्ञापन देखकर ही सामान नहीं खरीदना चाहिए बल्कि सामान के पैकेट पर लिखी नियम और शर्तों को भी ध्यान से पढ़ना चाहिए. ऑनलाइन खरीदारी पर भी यह नियम लागू होते हैं.
पढ़ें---

