PMGSY से बदली इस जिले की तस्वीर, सभी पंचायत मुख्यालय सड़क सुविधा से जुड़े
PMGSY के जरिए ढाई दशक में ऐतिहासिक विस्तार, दुर्गम इलाकों तक पहुंची ऑल वेदर कनेक्टिविटी

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 7, 2026 at 10:25 AM IST
सिरमौर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है. बीते ढाई दशक में इस योजना ने पहाड़ी, सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों तक पक्की सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी है. आज वो गांव, जो कभी बरसात और बर्फबारी में कट जाते थे, अब ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी से सीधे जुड़े हैं. सड़कें बनने से जहां किसानों और बागवानों को मंडियों तक आसान पहुंच मिली, वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य और आपात सेवाएं भी गांवों तक समय पर पहुंचने लगी हैं. इससे सिरमौर का हर कोना विकास की मुख्यधारा से जुड़ सका है.
लोक निर्माण विभाग नाहन सर्कल के अधीक्षण अभियंता ई. अरविंद शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक पीएमजीएसवाई के विभिन्न चरणों में जिले में 281 ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति दी गई. इनमें से 260 सड़कों का निर्माण पूरा, 15 सड़कों पर काम जारी, जबकि 6 सड़कें भूमि विवाद के कारण लंबित हैं. कुल सड़कों में से 245 सड़कें नई कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली हैं.
पहले चरण से रखी गई ग्रामीण विकास की मजबूत नींव
पीएमजीएसवाई के पहले चरण में वर्ष 2000-01 से 2015-16 के बीच फेज-1 से फेज-8, आरआरपी और विभिन्न बैचों में 234 सड़कों को मंजूरी दी गई. इनमें से 229 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस चरण ने सिरमौर में ग्रामीण सड़क नेटवर्क की बुनियाद मजबूत की.
1474 किलोमीटर सड़कों पर हुआ ऐतिहासिक काम
अरविंद शर्मा ने बताया कि पहले चरण में 313.34 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी. अब तक 256.38 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इस चरण में 1474.27 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत हुई, जिसमें से लगभग पूरी लंबाई का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.
वर्ल्ड बैंक परियोजनाओं से नेटवर्क को मिली और मजबूती
पीएमजीएसवाई के साथ-साथ वर्ल्ड बैंक के सहयोग से फेज-I, II और III में 17 सड़कों को स्वीकृति दी गई. इनमें से 16 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है. इन परियोजनाओं के तहत 114.79 किलोमीटर सड़क लंबाई पर 1874.57 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
ग्रामीण जीवन में आया बड़ा बदलाव
पीएमजीएसवाई-1 और वर्ल्ड बैंक परियोजनाओं को मिलाकर जिले में 251 सड़कों को मंजूरी मिली, जिनमें से 245 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है. पहली बार दुर्गम और सीमावर्ती गांवों तक सालभर चलने योग्य सड़कें पहुंचीं, जिससे ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला.
पीएमजीएसवाई-2 में अपग्रेडेशन पर रहा जोर
वर्ष 2019-20 में पीएमजीएसवाई-2 के तहत 7 सड़कों को मंजूरी दी गई. इन सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस चरण में 53.36 करोड़ रुपये की लागत से 77 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन किया गया.
पीएमजीएसवाई-3 में तेज़ी से चल रहा निर्माण
वर्ष 2022-23 में स्वीकृत 11 सड़कों में से 8 पूरी, जबकि 3 पर कार्य जारी है. इस चरण में 108.91 करोड़ रुपये की लागत से 129 किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं. वहीं 2023-24 के बैच में 12 सड़कों पर 137.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य जारी है.
पीएमजीएसवाई-4 में 11 नई सड़कों को हरी झंडी
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्ष 2025-26 में योजना के चौथे चरण के तहत जिले को 11 नई ग्रामीण सड़कों की सौगात मिली है. 58.07 किलोमीटर लंबी इन सड़कों पर करीब 85.55 करोड़ रुपये खर्च होंगे. रखरखाव और नवीनीकरण के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है.
सभी 259 पंचायत मुख्यालय सड़क से जुड़े
अधीक्षण अभियंता के अनुसार जिले की सभी 259 ग्राम पंचायतें अब अपने पंचायत मुख्यालय तक सड़क सुविधा से जुड़ चुकी हैं. इससे प्रशासनिक कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण आवाजाही को बड़ी मजबूती मिली है.
मई-जून तक पूरा होगा शेष कार्य
लोक निर्माण विभाग नाहन सर्कल के अधीक्षण अभियंता ई. अरविंद शर्मा ने बताया कि शेष निर्माणाधीन सड़कों का कार्य मई–जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही चौथे चरण की 11 नई सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. कुल मिलाकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आज सिरमौर जिले में विकास की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरी है. गांव-गांव तक पक्की सड़कें पहुंचने से न सिर्फ आवाजाही आसान हुई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिली है. दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों तक ऑल वेदर कनेक्टिविटी पहुंचने से सिरमौर का हर कोना अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुका है.

