अंकिता भंडारी मामले को लेकर कांग्रेसियों ने निकाला कैंडल मार्च, सरकार की चुप्पी पर जताया रोष
कांग्रेस ने 'एक दीया अंकिता के नाम' कार्यक्रम के तहत निकाला कैंडल मार्च, हरक रावत ने पूछा-वीआईपी कौन था? ज्योति रौतेला भी बीजेपी पर बरसी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 31, 2025 at 10:15 PM IST
देहरादून: बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस मामले पर नव वर्ष से पहले कांग्रेस ने 'एक दीया अंकिता के नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया. जिसके तहत कांग्रेसियों ने राजपुर रोड स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में एकत्रित होने के बाद गांधी पार्क तक दीया हाथ में लेकर पैदल मार्च निकाला. कांग्रेसियों का कहना था कि पूरे प्रदेश में अंकिता भंडारी हत्याकांड पर वीआईपी का नाम उजाकर होने के बावजूद सरकार की चुप्पी से लोगों में आक्रोश है.
हरक रावत ने पूछा वीआईपी कौन था? पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का कहना है कि बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक की कथित पत्नी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले पर खुद के बीच हुई वार्तालाप को सोशल मीडिया पर जारी किया. जिसमें तथाकथित पूर्व विधायक ये कहते हुए सुने जा रहे हैं कि वो वीआईपी कौन था.
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीछे कोई ना कोई व्यक्ति कथित रूप से वीआईपी जरूर था, जिसको स्पेशल सर्विस दिए जाने का दबाव अंकिता पर बनाया गया था. उन्होंने कहा कि उसके मित्र के बीच हुई व्हाट्सएप मैसेज में भी इसका जिक्र है कि किसी वीआईपी को विशेष सेवाएं देनी है.
बीजेपी पर बरसीं ज्योति रौतेला: वहीं, उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाते हुए कहा कि 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाली बीजेपी आज खुद बेटियों को सबसे बड़ी दुश्मन है. उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता को पूरा न्याय नहीं मिल जाता है, तब तक महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठने वाली है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी की तरफ से किए गए वीआईपी के नाम के खुलासे के बाद यह आवश्यक हो गया है कि अंकिता के उस चैट की भी जांच हो, जिसे अपने मित्र को साझा किए थे. जिसमें किसी वीआईपी को 'एक्स्ट्रा सर्विस' देने की बात कही गई थी.

सीबीआई जांच क्यों घबरा रही सरकार और बीजेपी: ज्योति रौतेला ने कहा कि आज जब पूरा प्रदेश यह मांग कर रहा है कि अंकिता की मौत के लिए जिम्मेदार वीआईपी का पता लगाकर उसे सजा दी जाए तो सरकार और बीजेपी आखिर क्यों सीबीआई जांच से घबरा रही है? कांग्रेस लगातार इस मामले को उठाती रहेगी.
बता दें कि 18 सितंबर को 2022 को अंकिता भंडारी लापता हो गई थी. अंकिता गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी. आरोप है कि होटल के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने उस पर कथित तौर पर अनुचित कार्य करने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन अंकिता के विरोध करने पर उसे मार दिया गया.
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