UP में भाजपा नेताओं के आपराधिक रिकॉर्ड-संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करेगी कांग्रेस
संजीव सिंह ने कहा कि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार के मंत्री-नेता अजय राय पर सवाल उठा रहे हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 9:13 AM IST
वाराणसी/कानपुर/बरेली: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. वाराणसी में कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं के आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने का ऐलान किया. वहीं, कानपुर में भी कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल दागे. बरेली में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था धराशायी हो गई है.
पहले जानें वाराणसी में कांग्रेस नेता ने क्या कहा: पार्टी प्रवक्ता संजीव सिंह ने वाराणसी में कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों के पोस्टर और आपराधिक मुकदमों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक तौर पर लोगों के सामने रखी जाएगी. उन्होंने कहा की कुछ दिन पहले महोबा की एक दलित छात्रा का अपहरण कर 16 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया. उसके साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि हैवानियत भी की गई,
सरकार का कोई भी मंत्री-विधायक पीड़िता का दुःख समझने या साझा करने न उसके घर गया न परिजनों से मिला. जब यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पीड़िता के दुःख में उसके घर जा रहे थे, तो उन्हें प्रशासन द्वारा रोकने का प्रयास किया गया. फिर भी वह पीड़िता के घर पहुंच गए. सरकार की शह पर भाजपा के मंत्री, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता विरोध में अजय राय के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे है.
संजीव सिंह ने कहा कि कितना हास्यास्पद लगता है कि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी सरकार के मंत्री और विधायक अजय राय की संपत्ति की जांच की मांग कर रहे है. अजय राय का जीवन खुली किताब की तरह है. तीन दिन पहले ही आगरा नगर-निगम ने निजी बिजली कंपनी टोरंट का 430 करोड़ रुपए माफ किए है. इसके पहले हजारों करोड़ रुपए पूंजीपतियो का माफ किया.
वाराणसी में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर किसानों की हजारों एकड़ बेशकीमती जमीन पूंजीपतियो के लिए औने-पौने दाम पर छीनने का प्रयास चल रहा है. किसान जान की बाजी लगाकर संघर्ष कर रहा है.
यह सिद्ध हो चुका है कि 'चंदा दो-धंधा लो' नीति के तहत भाजपा सरकार बनाती है. अपने सहयोगी संगठन के रूप में ED, इनकम टैक्स विभाग की छापामार नीति की तरह इस्तेमाल करती है. भाजपा का इससे बड़ा भ्रष्टाचार और जनधन के लूट का दूसरा उदाहरण क्या हो सकता है?
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि अजय राय पर जिन फर्जी मुकदमों की बात भाजपा के मंत्री और नेता कर रहे हैं, उनमें अधिकांश कोरोना और प्रतिकार यात्रा के दौरान के हैं. सरकार की मंशा इतनी दूषित है कि प्रतिकार यात्रा में से सभी आरोपियों के नाम निकाल दिया गया, लेकिन अभी तक अजय राय का नाम नहीं हटाया है.

सरकार की प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल: कानुपर में कांग्रेस पार्टी वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में प्रशासनिक पारदर्शिता का अभाव है. आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की संपत्तियों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि आम नागरिक महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. कांग्रेस नेताओं ने कानपुर के औद्योगिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की वर्तमान आर्थिक और व्यापारिक नीतियों के कारण स्थानीय उद्योग प्रभावित हुए हैं.
कहा कि उद्योगों की स्थिति कमजोर होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हुए हैं, जिससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना, मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों, सड़क निर्माण परियोजनाओं और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और कमियां सामने आ रही हैं. इनकी जांच जरूरी है.
अंशू अवस्थी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का संदर्भ देते हुए कहा कि एक पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया गया. कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और विपक्ष की आवाज को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया.
कार्यक्रम में कानपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता और ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला उपस्थित रहे. उनके साथ ही विकास अवस्थी, धवल पांडे, पदम मोहन मिश्रा, राकेश साहू, शीलू श्रीवास्तव सहित कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे.

महिला सुरक्षा में फेल राज्य सरकार: बरेली में कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय कपूर ने महोबा की दलित छात्रा प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो चुकी है. दलितों और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता नहीं रह गई है.
संजय कपूर ने कहा कि महोबा की दलित छात्रा का अपहरण कर उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया. इस दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, लेकिन सरकार का प्रतिनिधि पीड़ित परिवार का हाल जानने तक नहीं पहुंचा. यह घटना सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करती है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तब उन्हें रोकने की कोशिश की गई. कपूर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और उसके नेताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू करा दिए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने में लगी हुई है.
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