साय सरकार में छत्तीसगढ़ की राजधानी बनी क्राइम कैपिटल, 2025 में अपराध में भारी उछाल: कांग्रेस
कांग्रेस ने रायपुर की कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर अटैक किया है. पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 4, 2026 at 7:27 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. ये आरोप कांग्रेस ने साय सरकार पर लगाए हैं. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार का दावा “अपराध कम हुआ” पूरी तरह झूठा साबित हो रहा है. प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि राजधानी और प्रदेश की जनता अब असुरक्षित महसूस कर रही है. उन्होंने भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा.
लॉ एंड ऑर्डर पर बीजेपी का दावा खोखला-कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि राजधानी रायपुर में 2023 में 9,892 प्रकरण दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 15,885 हो गई, यानी केवल दो साल में 5,993 मामले ज्यादा.उन्होंने कहा कि इसमें चाकूबाजी, छेड़छाड़, लूटपाट, मारपीट, उठाईगिरी, चोरी, ठगी, डिजिटल ठगी और धमकी-चमकी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं. कई मामले तो दरअसल दर्ज भी नहीं किए गए, लेकिन भाजपा सरकार का दावा कि अपराध घटा है, पूरी तरह हास्यास्पद है.
गृहमंत्री का नियंत्रण गायब, जनता भयभीत- कांग्रेस
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का गृह विभाग पर कोई नियंत्रण नहीं है. राजधानी में पुलिस के तमाम आला अधिकारी होने के बावजूद अपराध बढ़ रहे हैं. बढ़ते अपराध और राजधानी में असुरक्षा दर्शाते हैं कि विजय शर्मा जनता को भयमुक्त वातावरण देने में असफल हैं. प्रदेश का सुरक्षा कवच ध्वस्त हो चुका है.
मुख्यमंत्री ने दो बार एसपी कांफ्रेंस बुलाई, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ.एसपी कांफ्रेंस में गृहमंत्री और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई तकरार पूरे प्रदेश ने देखी. यह भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था में विफलता का जीता-जागता उदाहरण है.जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जारी सालाना रिपोर्ट भी गृहमंत्री के लिए नाकामी का रिपोर्ट कार्ड साबित हो रही है- धनंजय सिंह ठाकुर, कांग्रेस प्रवक्ता, छत्तीसगढ़
जिम्मेदारी कब उठाएंगे विजय शर्मा?
धनंजय सिंह ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि गृहमंत्री विजय शर्मा को खराब कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए, या फिर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट कार्ड देखकर उन्हें हटाना चाहिए. राजधानी और प्रदेश की जनता की सुरक्षा अब सिर्फ़ कागजों में नहीं, बल्कि कार्रवाई में चाहिए.
रायपुर में अपराध बढ़ने और कानून-व्यवस्था असफल होने की वास्तविक तस्वीर ने भाजपा सरकार के दावे को पूरी तरह खोखला कर दिया है. कांग्रेस का आरोप है कि जनता की सुरक्षा के लिए भाजपा गंभीर नहीं है, और विजय शर्मा का इस्तीफा ही कानून-व्यवस्था सुधारने का पहला कदम हो सकता है.

