अब सरकार चुनेगी मतदाता?, एसआईआर को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला, चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ में एसआईआर प्रक्रिया पर सियासी घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 4:57 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एसआईआर के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं।. कांग्रेस का आरोप है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन अब सरकार मतदाता चुनने का काम कर रही है.
शैलेश नितिन त्रिवेदी का बीजेपी पर तंज, "900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा अब एसआईआर को लेकर आपत्ति जता रही है, जबकि सरकार भी उन्हीं की है और निर्वाचन आयोग भी उन्हीं के इशारों पर काम कर रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह स्थिति 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली जैसी है.
एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से नाम काटे जा रहे हैं, बीएलए के नाम शिफ्ट किए जा रहे हैं और मृतकों के नाम जोड़े जा रहे हैं. कांग्रेस ने आज जीता-जागता सबूत पेश किया है कि किस तरह एक चौड़ी सड़क को सकरी गली में बदला जा रहा है, ताकि भाजपा अपने समर्पित मतदाताओं को “वन-वे रोड” से निकाल सके- शैलेश नितिन त्रिवेदी, वरिष्ठ नेता, कांग्रेस
"लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की साजिश"
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आगे कहा कि भाजपा लगातार लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की साजिश में लगी हुई है. एसआईआर की प्रक्रिया में हड़बड़ी के नाम पर जो गड़बड़ियां की जा रही हैं, वह इसी साजिश का हिस्सा हैं.
"बूथों की संख्या डबल, वोटरों में कन्फ्यूजन"
रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के बीच में ही बूथों की संख्या अचानक डबल कर दी गई. लोगों ने जिस बूथ नंबर के आधार पर फॉर्म भरे थे, वही व्यवस्था अचानक बदल दी गई.उन्होंने कहा कि इससे कई बूथों में मतदाताओं की संख्या बेहद कम हो गई है. कहीं 160 तो कहीं 200 वोटर हैं. ऐसी स्थिति में सुबह 7 बजे मतदान शुरू होकर 9 बजे तक खत्म हो जाएगा, जो अपने आप में सवाल खड़ा करता है. जबकि निर्वाचन आयोग के मापदंड के अनुसार एक बूथ में 1000 से 1200 मतदाता होने चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर विधानसभा में करीब 1 लाख 31 हजार मतदाता हैं, जहां लगभग 131 बूथ होने चाहिए थे, लेकिन वहां 250 के आसपास बूथ बना दिए गए हैं.
एक बूथ पर एक दिन का चुनाव कराने में 25 से 50 हजार रुपये का खर्च आता है. अगर 500 बूथ अतिरिक्त बनाए गए हैं, तो सरकार पर कितना अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार और भाजपा में न तो सोचने वाले लोग हैं और न ही समझने वाले. एक तरफ भाजपा के लोग एसआईआर का समर्थन कर रहे हैं, दूसरी तरफ उसी के लोग इसका विरोध कर रहे हैं- श्रीकुमार मेनन, अध्यक्ष, रायपुर जिला कांग्रेस
शिक्षकों की एसआईआर में ड्यूटी से स्कूलों में पढ़ाई बाधित
कांग्रेस की पूर्व सांसद छाया वर्मा ने कहा कि एसआईआर ऐसे समय में कराया जा रहा है जब स्कूलों में पढ़ाई और परीक्षाएं चल रही हैं. शिक्षकों को एसआईआर में लगा दिया गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.उन्होंने कहा कि प्रक्रिया इतनी हड़बड़ी में हो रही है कि मृतकों के नाम मतदाता सूची में आ गए हैं और नाम कटवाने के लिए अब परिजनों से मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है.
धरसीवां विधानसभा के ग्राम पंचायत कारा में एक निषाद पंचायत प्रतिनिधि, जो लगातार कांग्रेस का कार्यकर्ता रहा है, उसका नाम मतदाता सूची से गायब हो गया था, जिसे बाद में आनन-फानन में जोड़ा गया- छाया वर्मा, पूर्व सांसद, कांग्रेस
बीएलए को दिखाया शिफ्टेड
एसआईआर प्रक्रिया से बीएलए भी प्रभावित हुए हैं. बीएलए प्रकाश सिंह ने बताया कि वे कबीर नगर बूथ क्रमांक 29 में कांग्रेस के बीएलए थे, लेकिन उनका नाम अब शिफ्टेड दिखाया जा रहा है. जबकि 2003 के एसआईआर से अब तक उनका नाम वहीं दर्ज था और उन्होंने इस बार भी फॉर्म भरा था. वेबसाइट पर देखने पर पता चला कि भाजपा के बीएलए ने पंचनामा में साइन कर दिया है कि वे शिफ्ट हो गए हैं.
संवैधानिक अधिकार छीनने की साजिश
प्रकाश सिंह ने आगे कहा कि अगर इस मामले में आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई तो उनका संवैधानिक अधिकार ही छिन जाएगा. कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस ने साफ कहा है कि एसआईआर के नाम पर भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर कांग्रेस समर्थित मतदाताओं को गुमराह करने और सूची से बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं.

