छत्तीसगढ़ में एसआईआर, कांग्रेस का बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना, तीन माह समयसीमा बढ़ाने की मांग
एसआईआर पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निशाना साधा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : November 10, 2025 at 5:22 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासत तेज़ हो गई है. कांग्रेस ने सरकार और भाजपा पर आरोप लगाया है कि वे निर्वाचन आयोग के काम को राजनीतिक एजेंडा में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. राजीव भवन में हुई प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एसआईआर की निगरानी पार्टी खुद करेगी ताकि किसी मतदाता का नाम गलत ढंग से न काटा जा सके. साथ ही, दस्तावेज़ जमा करने की समयसीमा एक माह से बढ़ाकर तीन माह करने की मांग भी की गई है.
एसआईआर में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग: कांग्रेस एसआईआर निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह कार्य किसी राजनीतिक दल का एजेंडा न लगे.
एसआईआर का काम विशुद्ध रूप से आयोग का दिखना चाहिए, न कि सरकार या दल विशेष का एजेंडा प्रदर्शित हो. बीएलओ को हर घर भौतिक रूप से जाना चाहिए और मतदाता से लिखित पुष्टि लेनी चाहिए ताकि फर्जी सर्वे की संभावना खत्म हो- मोहन मरकाम, कांग्रेस के एसआईआर निगरानी समिति के संयोजक
इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी दलों को देने की मांग: कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया जाए. मरकाम ने कहा, “किसी भी संशोधन से पहले सभी दलों के बीएलए से चर्चा होनी चाहिए. किसी नागरिक से मतदान का अधिकार छीनना लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर किसी मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसकी अपात्रता साबित करने की ज़िम्मेदारी आयोग की होनी चाहिए, न कि मतदाता की.
सरकार और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप: कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर सीधे आरोप लगाए कि वह निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में हेराफेरी कर रही है. मरकाम ने कहा कि, “अगर एसआईआर चुनाव आयोग का काम है, तो सवालों का जवाब आयोग दे. भाजपा किस हैसियत से जवाब दे रही है? क्या भाजपा आयोग की प्रवक्ता बन गई है?”उन्होंने आयोग से मांग की है कि वह भाजपा से स्पष्टीकरण मांगे कि एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब देने का अधिकार उसे किसने दिया.
दस्तावेज जमा करने की समय सीमा बढ़ाई जाए: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं एसआईआर सह-संयोजक धनेन्द्र साहू ने कहा कि वर्तमान में किसानों के पास दस्तावेज़ सत्यापन के लिए पर्याप्त समय नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी धान कटाई का समय चल रहा है, किसानों को सोसायटी में धान बेचने जाना पड़ता है. ऐसे में एक माह की अवधि पर्याप्त नहीं है. इसे कम से कम तीन माह तक बढ़ाया जाए ताकि कोई मतदाता वंचित न रहे.
भाजपा पूरे देश में निर्वाचन प्रक्रिया में दखल देने की कोशिश कर रही है. बिहार में भी यही स्थिति बनी थी, अब छत्तीसगढ़ में भी भाजपा आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है. कांग्रेस पूरे प्रदेश में एसआईआर की निगरानी करेगी ताकि किसी मतदाता का नाम गलत ढंग से न काटा जा सके-देवेन्द्र यादव, एआईसीसी सचिव
"एसआईआर की हर गतिविधि पर रहेगी नज़र": कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह पूरे प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी करेगी और यदि किसी मतदाता के अधिकारों से छेड़छाड़ की गई तो सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी. मोहन मरकाम ने कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि एसआईआर का मकसद अधिक से अधिक नए मतदाताओं को जोड़ना हो, न कि किसी के नाम को सूची से हटाना.

