बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस की पैदल यात्रा, सरचार्ज माफ से नो स्मार्ट मीटर तक की रखी ये मांगें
बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने हरिद्वार में पैदल मार्च निकाला. यूपीसीएल के सब डिविजनल ऑफिस पहुंचकर एसडीएम को अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 28, 2026 at 7:22 PM IST
हरिद्वार: कांग्रेस ने बिजली के सरचार्ज और स्मार्ट मीटर के विरोध में हरिद्वार में पैदल यात्रा निकाली. हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा के नूरपुर पंजनहेड़ी से निकाली गई पैदल यात्रा जगजीतपुर स्थित यूपीसीएल के एसडीओ ऑफिस तक पहुंची. जिसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत समेत तमाम कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने यूपीसीएल के सब डिविजनल ऑफिस पहुंच कर एसडीएम को अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा कि सरकार अगर इन मांगों को नहीं मानती है तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर स्मार्ट मीटर और बिजली के सरचार्ज पर रोक लगाई जाएगी.
हरीश रावत ने कहा कि बिजली के बिलों से लोग परेशान हो गए हैं. उत्तराखंड में समय से बिजली नहीं आ रही है लेकिन बिजली का बिल बढ़चढकर आ रहा है. पहले दो महीने में बिजली का बिल आता था, लेकिन भाजपा सरकार में 26 दिन में बिजली का बिल आ रहा है. हरीश रावत ने कहा कि जनता को स्मार्ट मीटर नहीं चाहिए. बिजली के बिलों का सरचार्ज माफ होना चाहिए. जब उनकी सरकार उत्तराखंड में आएगी तो स्मार्ट मीटर हटाए जाएंगे, क्योंकि भारी भरकम बिलों से राज्य की जनता त्रस्त हो गई है.
हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में जब से डबल इंजन की सरकार आई है. तब से बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जा रही है. बिजली के बिलों से नागरिकों को परेशान किया जा रहा है. बिजली उत्पादन करने वाले राज्य उत्तराखंड में महंगी बिजली मिल रही है, जबकि हमारा उत्तराखंड दूसरे राज्यों को कम दरों पर बिजली दे रहा है. राज्य के लोगों पर बिजली के बिल थोपे जा रहे हैं. उन्होंने तीन सूत्रीय मांगे रखी और कहा कि उत्तराखंड में सरकार मांग है कि बिजली बिल हाफ किए जाएं, सरचार्ज माफ किया जाए और स्मार्ट मीटर की योजना को बंद किया जाए.
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