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RJD से अलग होगी कांग्रेस! बिहार में हार के बाद नेताओं ने गठबंधन पर उठाए सवाल

बिहार चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की समीक्षा बैठक हुई. इसमें नेताओं ने राजद से गठबंधन पर सवाल उठाए.

Congress Review Meeting
कांग्रेस की समीक्षा बैठक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 1, 2025 at 5:25 PM IST

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पटना: बिहार चुनाव में हार के बाद पहली बार कांग्रेस की बैठक पटना के सदाकत आश्रम में हुई. बैठक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेताओं के फैसले पर सवाल उठाया. सीट शेयरिंग, राजद से गठबंधन सहित तमाम फैसलों पर सवाल उठाया गया.

जमीनी स्तर के नेता को टिकट नहीं: बैठक में चुनाव में खराब प्रदर्शन को लेकर कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिला. रोहतास जिलाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार पांडेय ने वोट चोरी के आरोप पर बड़ा बयान दिए. कहा कि कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि वोट चोरी के कारण कांग्रेस की हार हुई है, लेकिन वे लोग जमीनी कार्यकर्ता हैं. हमलोग इसे स्वीकार नहीं करते हैं. हकीकत है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेता को टिकट नहीं दिया गया. दूसरे दल से आए नेताओं को टिकट दिया गया.

कांग्रेस की समीक्षा बैठक में पहुंचे नेताओं के बयान (ETV Bharat)

"रोहतास में बिहार के सह प्रभारी देवेंद्र यादव का करिश्मा दिखा. दिल्ली से जो बड़े नेता प्रभारी बन कर बिहार आए थे, उन लोगों ने कोई कॉरपोरेशन नहीं किया. सिर्फ होटल में ठहरे रहे. पार्टी का पैसा लूटने का काम किए. हमारे पार्टी के सबसे बड़े नेता जो फकीर की भूमिका में हैं. राहुल गांधी पूरे बिहार में लोगों के दरवाजे-दरवाजे घूमते रहे." -अमरेंद्र कुमार पांडेय, जिलाध्यक्ष, रोहतास

कार्यकर्ताओं की अनदेखी: नालंदा जिलाध्यक्ष अनिल प्रसाद ने कहा कि जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई. जो सच्चे कांग्रेसी हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया गया. यही कारण है कि पार्टी की स्थिति ऐसी हो रही है. पार्टी के खराब प्रदर्शन का सबसे प्रमुख कारण यही है. कांग्रेस के जो भी पर्यवेक्षक आए वे जमीन पर नहीं उतरकर सिर्फ प्रत्याशियों से बात करके चले गए.

"राष्ट्रीय प्रभारी के रूप में आए लोग संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद नहीं किया. सिर्फ खानापूर्ति करके चले गए. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी का बहुत ही खराब प्रदर्शन रहा." -अनिल प्रसाद, जिलाध्यक्ष, नालंदा

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सदाकत आश्रम कांग्रेस कार्यालय (ETV Bharat)

आरजेडी से गठबंधन का विरोध: अनिल प्रसाद ने साफ तौर पर कहा कि पार्टी को बिहार में राजद के साथ गठबंधन के बारे में सोचना चाहिए. इस बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और तमाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को सोचने की जरूरत है. कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि बिहार में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े. यदि अकेले चुनाव लड़ते तो बेहतर परिणाम होता.

आरजेडी पर आरोप: सिवान जिलाध्यक्ष सुशील कुमार का कहना है कि चुनाव में राजद की मनमानी रही. पिछले चुनाव में सिवान में कांग्रेस को एक सीट दी गई थी, वह सीट कांग्रेस ने जीती थी. महागठबंधन 8 में 6 सीट पर जीत हासिल की थी. 2025 आरजेडी ने कांग्रेस की सीट जबरदस्ती ले ली, जिसका परिणाम है कि इस बार एक सीट आरजेडी के खाते में गई. 7 सीट एनडीए जीतने में कामयाब हुई.

"आरजेडी कई विधानसभा क्षेत्र में मनमानी ढंग से काम किया, जिसके कारण बेहतर चुनाव परिणाम नहीं हुआ. कांग्रेस को इग्नोर कर कोई राजनीति नहीं कर सकता. बिहार में निर्णय लेने का समय आ गया है." -सुशील कुमार, जिलाध्यक्ष, सिवान

'मात्र 6 विधायक शपथ लिए': कांग्रेस नेता सरवत जहां फातिमा महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति बिहार में इतनी खराब हो गई है कि आज हमारे मात्र 6 विधायक शपथ ले रहे हैं. बैठक भी एक छोटे से कमरे में की जा रही है. कांग्रेस पार्टी आज क्यों सिमट रही है, इसको लेकर लोग चिंतित और शर्मिंदा हैं.

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कांग्रेस की समीक्षा बैठक (ETV Bharat)

क्यों दिया इस्तीफा: सरवत जहां फातिमा ने कहा कि 2010 में खराब प्रदर्शन के कारण महबूब अली कैसर ने इस्तीफा दिया था. 2020 में डॉ मदन मोहन झा ने इस्तीफा दिया था. 2014 लोकसभा चुनाव में खुद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. नैतिक जिम्मेदारी के तहत हमने इस्तीफा दे दिया.

"चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर अपनी नैतिक जिम्मेदारी का एहसास था, इसलिए इस्तीफा दे दिया. रिजल्ट खराब होता है तो दुख और तकलीफ सभी को होती है. कहां चूक हुई यह प्रदेश अध्यक्ष को सोचना होगा." -सरवत जहां फातिमा, कांग्रेस नेता

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कांग्रेस की समीक्षा बैठक (ETV Bharat)

बैठक में क्या हुआ?: बैठक को लेकर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने चार बिंदुओं पर चर्चा की बात कही. कहा कि 14 दिसंबर को वोट चोरी के मुद्दे पर दिल्ली में बड़ा कार्यक्रम होने वाला है. चुनाव में किन कारणों से पराजय हुई है, इसको लेकर विचार विमर्श हुआ. संगठन के अंदर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कैसा सहयोग रहा इस पर भी समीक्षा की जा रही है.

"SIR को लेकर दिल्ली में रैली को कैसे सफल बनाया जाए, इसको लेकर विचार विमर्श किया गया. विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी का जिला प्रखंड एवं पंचायत स्तर तक कैसे संगठन को मजबूत किया जाए, इन तमाम बातों पर चर्चा की गयी." -राजेश राम, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

राज्यभर के नेता बैठक में शामिल: सोमवार से पहले पहले दिल्ली में बैठक हुई थी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावारु, वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान बैठक में रहे. इसके अलावे विभिन्न जिलों से जिलाध्यक्षों बुलाया गया.

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