राष्ट्रगान के अपमान के विरोध में कांग्रेस का धरना, राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार को घेरा
कांगड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान बीजेपी पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगाया. वहीं, राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार को घेरा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 10:05 PM IST
कांगड़ा: राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा नारेबाजी किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे राष्ट्रगान के सम्मान के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में कांग्रेस द्वारा आज धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. वहीं, सोलन में बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा.
अनुराग शर्मा ने कहा, "आजादी के बाद से विधानसभा और लोकसभा के सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से और सदन के अंतिम दिन राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से किए जाने की परंपरा रही है. कल सदन में राष्ट्रगान के दौरान भाजपा विधायकों द्वारा नारेबाजी की गई, जो राष्ट्रगान के सम्मान के विपरीत है".
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों का पूरा सम्मान करती है. प्रत्येक भारतवासी के लिए राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत सम्मान के विषय हैं. उन्होंने राज्यसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान और समापन पर राष्ट्रीय गीत गाने की परंपरा है, जो देश की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है.
अनुराग शर्मा ने कहा कि देश में इस समय NEET पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है, जिसके खिलाफ राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि के चंदे में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नए-नए मुद्दे उठा रही है.
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून और संविधान से ऊपर नहीं हो सकता. अगर किसी ने गलत नहीं किया है तो उसे डरने की क्या जरूरत है?. किसी भी एजेंसी से जांच करवाई जा सकती है. भीड़तंत्र कभी भी भारत के संविधान और कानून से ऊपर नहीं हो सकता. जब मन में खोट होता है, तभी भीड़तंत्र और नारेबाजी का सहारा लिया जाता है.
राजेंद्र राणा का सुक्खू सरकार पर प्रहार
वहीं, सोलन में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास किया. राजेंद्र राणा ने कहा, "प्रदेश के साथ साथ देश के लोग भी जान चुके है कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बीमार हो चुका है. प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी में कैसंर पीड़ितों के टेस्ट नही हो रहे है, उन्हें लाइनों में लगकर चमियाना जाना पड़ रहा है".
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी मंत्री की नहीं सुनी जा रही है. मंत्री एक चपरासी की ट्रांसफर नहीं कर पा रहा है. सिर्फ सिंगल मेन शो हिमाचल प्रदेश में चल रहा है. प्रदेश में ऐसा कोई मंत्री नहीं है जो खुद अपना विभाग चला रहा हो. जिस तरह से दिल्ली में सिंगल मेन शो चल रहा है, उसी तरह से प्रदेश में भी सिंगल मेन शो चल रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दावे कर रही है की नई-नई मशीन ली जा रही है, रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीन ली जा रही है. लेकिन उसे स्टोर में रखा जा रहा है. रोबोटिक सर्जरी को करने के लिए डॉक्टर को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए जो की कोई व्यवस्था सरकार द्वारा नहीं की जा रही है. प्रदेश में अगर किसी अस्पताल में एक्स रे कराने है. वहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं है. इस तरह से व्यवस्था को लेकर लगातार सबर उठ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का एक ही एजेंडा चल रहा है कि जो शरीफ है, उस पर मामले दर्ज किए जाए. हिमाचल की जनता जो टैक्स दे रही, जिसके माध्यम से सरकार चलती है. आखिर वह कहां जाए? यह बहुत बड़ा सवाल हिमाचल में है. स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा को लेकर सरकार अपनी जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश में नहीं निभा पा रही है. सरकार का स्वास्थ्य विभाग खुद ही बीमार पड़ा है, ना ही मशीनों को चलाने के लिए लोग प्रदेश सरकार के पास है और ना ही उन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल कॉलेज के साथ-साथ अन्य संस्थाओं को डीनोटिफाई कर रही है. लेकिन 2027 के चुनाव में प्रदेश की जनता कांग्रेस की सरकार को डीनोटिफाई करने वाली है. सरकार के दबाव में कुछ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी गलत काम कर रहे है, जो सही नहीं है.
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