हरियाणा में कांग्रेस का 'हल्लाबोल', मनरेगा का नाम बदलने पर विरोध, शहरों में निकाला मार्च
मनरेगा का नाम बदलने के खिलाफ कांग्रेस की ओर से कुरुक्षेत्र में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया.

Published : December 21, 2025 at 2:12 PM IST
|Updated : December 21, 2025 at 7:23 PM IST
कुरुक्षेत्र/नूंह : हाल ही में केंद्र सरकार की ओर मनरेगा के नाम सहित कई प्रावधानों में बदलाव किया गया है. यह बिल दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा से पास हो चुका है. दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से दोनों सदनों में इस बिल के नाम में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन किया गया. संसद के शीतकालीन सत्र के समाप्ति के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मनरेगा के नाम में बदलाव के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस की ओर से कुरुक्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन किया गया.
शहर में कांग्रेस ने निकाला रोष मार्चः कांग्रेस की ओर से मार्च के बाद कुरुक्षेत्र के अग्रसेन चौक पर प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ता पहले कुरुक्षेत्र सेक्टर 13 स्थित कांग्रेस भवन में जमा हुए. उसके बाद पैदल रोष मार्च निकालते हुए अग्रसेन चौक पर पहुंचे. मौके पर थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि " जिन्होंने देश की आजादी के लिए बहुत लंबी लड़ाई लड़ी, उनके नामों की योजनाओं को केंद्र की भाजपा सरकार बदल रही है. इसके विरोध में आज यह प्रदर्शन आयोजित किया गया है."
सरकार के पास जनहित के मुद्दों का जवाब नहीं: विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि "विधानसभा में विपक्ष की ओर से जनहित के अनेकों मुद्दे उठे हैं. लेकिन सरकार ने किसी पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है." अशोक अरोड़ा ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि "विधानसभा की कार्यवाही पूरे देश ने देखी होगी. सभी मुद्दे सही थे. इन मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं था."

'हरियाणा सरकार किसान विरोधी': विधायक रामकरण काला ने कहा कि "बाढ़ के समय किसानों की खेत में रेत आई थी. किसानों की मांग है कि खेत से रेत उठाने की अनुमति दी जाए. इस मुद्दे को मैंने विधानसभा में भी उठाया. हरियाणा सरकार किसान विरोधी है, इसलिए किसानों को खेत से रेत उठाने का परमिशन नहीं दे रही है. इस समस्या के कारण किसानों को खेती में परेशानी हो रही है."

'गरीब व्यक्ति से रोजगार का हक छीना गया': हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पार्टी की ओर से नूंह में मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया. जिला कांग्रेस कार्यालय नूंह से गांधी पार्क तक विरोध मार्च निकाला गया. पोस्टर, बैनर, झंडा लेकर नारेबाजी करते हुए मार्च गांधी पार्क पहुंचा. वहां पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया.
"कानूनों के नाम बदलने का काम" : इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी जिला मुख्यालयों में पार्टी की ओर से मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है. भाजपा सरकार के द्वारा गरीबों-मजदूरों के हित में बने कानूनों का नाम बदलने का काम कर रही है. मनरेगा कानून कांग्रेस पार्टी की नेता सोनिया गांधी के यूपीए चेयरपर्सन के रहने के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय में बना था. उस कानून को बीते 11 सालों से भाजपा सरकार कमजोर करने का काम कर रही थी. अब भाजपा ने उस कानून की हत्या कर दी है. मनरेगा को खत्म कर दिया गया है. मैं समझता हूं कि देश के 12 करोड़ लोग इससे लाभान्वित हो रहे थे. गरीब व्यक्ति को एक कानून का हक मिला हुआ था. रोजगार का हक, उसे छीन लिया गया है, जहां 90 प्रतिशत केंद्र सरकार पैसा देती थी और नए कानून के बजाय अब मिशन है. उसके तहत 60 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी और 40 प्रतिशत राज्य सरकार देगी.


