मल्लिकार्जुन खरगे मंच शुद्धीकरण मामला, कांग्रेस ने सिरसा में किया विरोध-प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मंच शुद्धीकरण विवाद पर पार्टी की ओर सिरसा में विरोध-प्रदर्शन किया गया.

Published : August 14, 2026 at 5:52 PM IST
सिरसाः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में रैली के बाद मंच शुद्धीकरण का विवाद बढ़ता जा रहा है. सांसद और उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने सिरसा में विरोध-प्रदर्शन के बाद मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
सिरसा में कांग्रेस ने किया प्रदर्शनः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सिरसा में आंबेडकर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता धरने पर बैठे और बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा भी शामिल हुईं. इस मौके पर सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला सहित बड़ी सख्या में कांग्रेस के नेता मौजूद थे.
कथित शुद्धिकरण की घटना की कड़ी निंदा: कुमारी सैलजा ने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संबोधन के बाद उसी मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना की कड़ी निंदा की है. सांसद ने कहा कि "यदि यह घटना उसी रूप में हुई है जैसा सामने आया है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत मानसिकता को दर्शाती है. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए."
'सामाजिक समरसता और समानता से जुड़ा गंभीर सवाल': मीडिया से बातचीत करते हुए सिरसा की कुमारी सैलजा ने कहा कि "मल्लिकार्जुन खरगे देश के वरिष्ठतम नेताओं में शामिल हैं और उनका दशकों लंबा सार्वजनिक जीवन, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा है. संसद से लेकर जन आंदोलनों तक उन्होंने गरीबों वंचितों और कमजोर वर्गों की आवाज उठाई है. ऐसे वरिष्ठ नेता द्वारा जनता को संबोधित किए जाने के बाद मंच का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना केवल किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि इससे सामाजिक समरसता और समानता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े होते हैं."
'संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है': कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार देता है और छुआछूत को स्पष्ट रूप से समाप्त करता है. आजादी के इतने दशकों बाद भी यदि किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को लेकर ‘शुद्ध’ और ‘अशुद्ध’ जैसी सोच सामने आती है तो पूरे समाज को इसके विरुद्ध एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए. राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी राजनीतिक विरोध को जातिगत या सामाजिक भेदभाव का स्वरूप देना स्वीकार्य नहीं हो सकता.
भाजपा अपना रूख स्पष्ट करेः कुमारी सैलजा ने भाजपा से सवाल किया कि हल्द्वानी में सामने आई इस घटना को लेकर वह अपना रुख स्पष्ट करे. सांसद ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को बताना चाहिए कि क्या वह ऐसी किसी गतिविधि का समर्थन करता है और यदि नहीं, तो उससे जुड़े लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी. किसी भी राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है कि वह समाज को जोड़ने और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का काम करे न कि ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे जिनसे विभिन्न वर्गों के बीच दूरी और अविश्वास पैदा हो.
नैनीताल एसपी से मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांगः सांसद ने कहा कि देश और प्रदेश के सामने बेरोजगारी महंगाई शिक्षा स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े अनेक गंभीर मुद्दे हैं. राजनीति इन समस्याओं के समाधान पर केंद्रित होनी चाहिए. जाति और धर्म के आधार पर समाज में विभाजन पैदा करने वाली किसी भी सोच से लोकतंत्र कमजोर होता है. कुमारी सैलजा ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की कि इस पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए. जांच में यदि किसी कानून का उल्लंघन अथवा सामाजिक भेदभाव से जुड़ा अपराध सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
'प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक नेता को मिलना चाहिए समान सम्मान': कुमारी सैलजा ने कहा कि "कांग्रेस सामाजिक न्याय समानता और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक नेता को समान सम्मान मिलना चाहिए. समाज को पीछे ले जाने वाली संकीर्ण और जातिवादी मानसिकता का लोकतांत्रिक भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए."
'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान पार्टी नहीं करेगी बर्दास्त': मीडिया से बातचीत करते हुए सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि "बीजेपी नेताओं द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान किया गया है जिसे पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी. कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन किसी वरिष्ठ नेता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े व्यक्ति का अपमान करना उचित नहीं है. आंबेडकर चौक पर आयोजित धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की. देश की राजनीति में मर्यादा और सम्मान की परंपरा बनी रहनी चाहिए. विपक्षी नेताओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी है."
कुमारी सैलजा ने भाजपा पर साधा निशानाः उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि "सत्ता पक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शिष्टाचार का पालन करना चाहिए. पार्टी अपने नेताओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगी." कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और मांग रखी कि जिस कथित अपमान को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है. उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. देश की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में जनता लोकतंत्र संविधान और सम्मान की राजनीति के पक्ष में अपना फैसला देगी. कांग्रेस लगातार जनहित के मुद्दों को उठाती रहेगी और सरकार की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी.

