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अंकिता भंडारी मर्डर केस, श्रीनगर में सड़कों पर उतरा जनसैलाब, देहरादून में डीएम ऑफिस में घुसे प्रदर्शनकारी

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर कांग्रेस ने रैली निकाली.

Ankita Bhandari murder case
श्रीनगर में सड़कों पर उतरा जनसैलाब (PHOTO-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 3, 2026 at 4:59 PM IST

5 Min Read
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पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रीनगर में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया. इस रैली में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए. पूरे शहर में निकाली गई रैली के जरिए कांग्रेस ने संदेश दिया कि अंकिता भंडारी मामले में सरकार चुप्पी साधे हुए है.

रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, अंकिता भंडारी के साथ हुआ घटनाक्रम पौड़ी जिले के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र का है. जहां घटना के तुरंत बाद स्थानीय विधायक द्वारा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर अहम सबूतों को मिटाने का काम किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि रिसॉर्ट में बुलडोजर नहीं चलाया गया होता, तो वहां मौजूद सबूतों के आधार पर इस मामले में शामिल कथित वीआईपी का नाम पहले ही सामने आ जाता. कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और सबूत मिटाने के आरोपों को लेकर विधायक रेनू बिष्ट के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.

अंकिता भंडारी मर्डर केस में सड़कों पर उतरा जनसैलाब (VIDEO-ETV Bharat)

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि, बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में कांग्रेस पार्टी शुरू से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है. जब तक परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा. इस पूरे मामले में जितने भी अपराधी शामिल हैं, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार वीआईपी से जुड़े नए-नए ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं. लेकिन सरकार उनकी निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक की कथित पत्नी द्वारा सार्वजनिक किए गए ऑडियो और वीडियो इस बात को स्पष्ट करते हैं कि इस पूरे प्रकरण में शामिल वीआईपी भाजपा से जुड़ा है. इसके बावजूद सरकार जांच से बच रही है. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इससे सरकार की मंशा साफ झलकती है कि वह अंकिता को न्याय दिलाने के बजाय अपने लोगों को बचाने में जुटी हुई है.

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री उनसे खुली बहस के लिए आ सकता है. कांग्रेस उस बहस में सभी सबूत सार्वजनिक रूप से रखेगी. गणेश गोदियाल ने कहा कि जिसने भी इस मामले में सबूत मिटाने का काम किया है, वही सबसे बड़ा अपराधी है और उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए.

देहरादून में एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन: उधर, देहरादून में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देहरादून नगर निगम सें पैदल मार्च करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय देहरादून का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया. संगठन के कुछ छात्र कार्यालय के मुख्य गेट पर चढ़ गए, इस दौरान पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की, लेकिन एनएसयूआई के छात्र मुख्य गेट को खोलकर परिसर में घुस गए. जहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया और सिटी मजिस्ट्रेट को अपनी कुछ मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा.

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि प्रदेश में घटित एंजेल चकमा की हत्या की घटना ने छात्रों को गहरे आघात में डाल दिया है. यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती है. अब तक इस प्रकरण में दोषियों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है.

विकास नेगी ने कहा कि प्रदेश की बेटी अंकिता भंडारी के हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था. आम जनमानस और छात्र समुदाय के बीच यह धारणा गहराती जा रही है कि अब तक की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं रही है. प्रकरण की संवेदनशीलता और प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता की आशंकाओं को देखते हुए, इस मामले की एक बार फिर निष्पक्ष जांच सीबीआइ से कराई जानी जरूरी है.

रामनगर में कैंडल मार्च: अंकिता भंडारी मर्डर केस की सीबीआई जांच की मांग को लेकर नैनीताल के रामनगर क्षेत्र अंतर्गत पिरूमदारा में भी क्षेत्रवासियों का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया. पिरूमदारा में महिलाओं, बच्चों और युवतियों ने ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की. यह कैंडल मार्च पिरूमदारा स्थित किसान इंटर कॉलेज से शुरू होकर मुख्य मार्गों से होते हुए पिरूमदारा तक निकाला गया. मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने मोमबत्तियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 'अंकिता को न्याय दो' जैसे नारों के साथ अपना आक्रोश जाहिर किया.

रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का प्रदर्शन: उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में भी अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट गेट पर रोकने का प्रयास किया. कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई. हालांकि, कार्यकर्ताओं को रोकने के दौरान पुलिस को हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा.

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