कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव खारिज, विपक्ष ने वॉकआउट किया, दूसरे दिन किसान और वोट चोरी के मुद्दे पर हंगामा
Haryana Winter Session 2025: रियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया.

Published : December 20, 2025 at 8:16 AM IST
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बीजेपी सरकार के खिलाफ कांग्रेस सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई. पांच घंटे की बहस के बाद ये प्रस्ताव ध्वनि मत से गिर गया. जिसके बाद विपक्षी पार्टी के विधायकों ने वॉकआउट किया. इसके बाद सदन को सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
सीएम नायब सैनी के कांग्रेस से सवाल: कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा "मेरे बोलने के बाद अब अविश्वास प्रस्ताव पर मतों की गिनती होगी. मेरा विपक्ष के साथियों से आग्रह है कि वे धैर्य से सुनें. अगर उन्हें टीका-टिप्पणी करनी है, तो वे बाद में करें. इससे पहले, हमारे विपक्ष के साथी 22 फरवरी 2024 को अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे. मेरा विश्वास है कि जब उन्होंने वैसा किया, वैसा आज वे नहीं करेंगे. आपने अपनी बात रख ली है."
'हड़बड़ाहट में लाए अविश्वास प्रस्ताव': सीएम नायब सैनी ने कहा "मेरा मानना है कि विपक्ष ने सरकार पर जो आरोप लगाए हैं, वे तथ्यों पर आधारित होने चाहिए, लेकिन उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, वे राजनीतिक कुंठा से लगाए हैं. मैंने इनके अविश्वास प्रस्ताव को पढ़ा है, मैं हैरान हूं कि कहीं इन्होंने ये प्रस्ताव हड़बड़ाहट में तो नहीं ले आए. मैं कहना चाहता हूं कि इन कांग्रेसियों ने अपने सीनियर नेता रघुवीर कादियान को बली का बकरा तो नहीं बना दिया."
रघुवीर कादियान ने जताई आपत्ति: सीएम के बली का बकरा वाले बयान पर रघुवीर कादियान ने आपत्ति जताई. जिसके बाद सीएम नायब सैनी ने कहा "रघुवीर कादियान हमारे दादा है, मैं इनका बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन ये करते हैं नहीं कि नहीं करते हैं ये पता नहीं."
पहले स्पीकर ने रखा था दो घंटे का वक्त: स्पीकर हरविंदर कल्याण ने शुरू में शाम को लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय किया था, लेकिन बाद में बहस जारी रहने के कारण समय बढ़ा दिया. इस दौरान कांग्रेस ने वोट चोरी, कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार पर तीखा हमला किया. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न मुद्दों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया.
सरकार पर बरसे भूपेंद्र हुड्डा: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने मुख्यमंत्री से कहा "समाज के सभी वर्ग इस सरकार से तंग आ चुके हैं, लेकिन आप इसका कोई जवाब नहीं दे रहे हैं. सरकार ने राज्य की आबादी के हर वर्ग का विश्वास खो दिया है. अपनी अलग-अलग प्रणालियों के ज़रिए, इस सरकार ने 'लोकतंत्र' को 'तंत्रलोक' में बदल दिया है." पार्टी ने आगे कहा कि "संवेदनहीन" और "गैर-जिम्मेदार" सरकार ने लोगों का भरोसा खो दिया है.
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया: मंत्री श्रुति चौधरी और राव नरबीर सिंह सहित बीजेपी सदस्यों ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का कोई मकसद नहीं था, क्योंकि मौजूदा सरकार को सदन और हरियाणा के लोगों का "पूरा भरोसा" हासिल है. कई बीजेपी सदस्यों ने कांग्रेस के "वोट चोरी" के आरोप को खारिज किया और कहा कि वे विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी हार से निराश हैं. राव नरबीर ने कहा, "लोगों ने आपको नकार दिया है."
हरियाणा विधानसभा की वर्तमान स्थिति: सदन में बीजेपी के 48 विधायक हैं, जिसमें स्पीकर भी शामिल हैं, कांग्रेस के 37, INLD के 2, जबकि तीन निर्दलीय विधायक सत्ताधारी पार्टी का समर्थन करते हैं.
अविश्वास प्रस्ताव पर नहीं थे हस्ताक्षर? इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि उसके नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए, जिससे विपक्षी सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और वे नारे लगाते हुए सदन के वेल में चले गए. सीएम सैनी ने कहा कि "फरवरी 2024 में भी, कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद वॉकआउट किया था." मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा "वे आरोप लगाते हैं और फिर भाग जाते हैं."
कांग्रेस ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया: कांग्रेस द्वारा लाए गए प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि सत्ताधारी पार्टी ने असंवैधानिक तरीकों से और प्रलोभन देकर वोट चुराकर सत्ता हासिल की है. इसमें आरोप लगाया गया कि "यह सरकार लोगों के भरोसे से नहीं बनी है."कांग्रेस ने ये भी आरोप लगाया कि राज्य के पढ़े-लिखे युवा बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं और रोज़ी-रोटी की तलाश में विदेश जाकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया कि हरियाणा के लोग मौजूदा सरकार से तुरंत छुटकारा पाना चाहते हैं.
सदन में गूंजा किसानों का मुद्दा: वरिष्ठ कांग्रेस विधायक रघुवीर सिंह कादियान ने कहा, "आपने असंवैधानिक तरीकों से सरकार बनाई है," जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की. इस बीच, विपक्ष के सदस्य ने BJP पर "वोट चोरी" का आरोप लगाया. कादियान ने कई दूसरे मुद्दों पर भी सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस सरकार में किसानों की हालत किसी से छिपी नहीं है.
आदित्य देवीलाल बोले- जनता कांग्रेस को कोस रही: इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि "कांग्रेस हमेशा से बीजेपी के साथ रही है. इनकी गड़बड़ियों के कारण हमेशा कांग्रेस के नेता हारे हैं. अब बीजेपी की जब सूबे में तीसरी बार सरकार बनी है, तो ये भूपेंद्र हुड्डा की मेहरबानी है. अजय माकन को इन कांग्रेसियों ने राज्यसभा चुनाव हरवा दिया. कांग्रेस विधायक सच्ची बात कह रहे थे. वह कह रहे थे कि कांग्रेस क्यों हारी, तब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना मुंह फेर लिया. हरियाणा की जनता अब इनके कर्मों को कोस रही है. अगर ये सही होते तो ऐसा नहीं होता. ये मिले हुए हैं, इसी कारण ऐसा हो रहा है."
कांग्रेस पर बरसे महिपाल ढांडा: अविश्वास प्रस्ताव पर मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा "ये हमे संविधान की सीख देते हैं. मैं बताता हूं कि इनके कार्यकाल में जितनी संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं, उतना किसी के कार्यकाल में नहीं हुआ. ये बाबा साहब का नाम लेने योग्य नहीं है. बाबा साहब का स्टेच्यू तक इन्होंने अपनी सरकार में हरियाणा की धरती पर नहीं लगने दिया. ये तो शुक्र करो जब हमारी सरकार सूबे में आई, तो हमने हर विधानसभा स्तर पर बाबा साहब की मूर्तियां लगाईं. जब इनकी सरकार थी, तो इन्होंने ना तो शिक्षा पर ध्यान दिया ना ही स्वास्थ्य सेवाओं पर. इन्होंने बेटियों को स्कूल तक नहीं जाने दिया. हमारी सरकार में हर जिलें में बेटियों के लिए स्कूल खोले गए."
गीता भुक्कल ने वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा: गीता भुक्कल ने कहा कि "बीजेपी ऐसी सरकार है, जो अपना दावा चंडीगढ़ पर दावा नहीं जता सकती. आज प्रदूषण लोगों का दम घोंट रहा है, लेकिन सदन में ठहाके लग रहे हैं. गीता भुक्कल ने कहा कि इलेक्शन कमीशन पूरी तरह भाजपा की कठपुतली बनी हुई है. एक काबिल आईपीएस अधिकारी को आत्महत्या करनी पड़ी, ऐसे हालात क्यों बने जिनकी पत्नी भी आईएएस हैं. इस मामले में तहकीकात की जगह एक एसएआई ने सुसाइड कर लिया. हरियाणा एचपीएससी आज रिजेक्शन बॉडी हो गया है. आप लोग रिजर्वेशन खत्म करना चाहते हैं."
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने धान घोटाले का मुद्दा उठाया: थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने सदन में धान घोटाले का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि "इस घोटाले में मिलर्स के साथ सूबे के कुछ बड़े नेता भी मिले हुए हैं. इस पूरे घोटाले की जांच सरकार को हाई कोर्ट के सिटिंग जज या CBI से करानी चाहिए. सरकार ये दावा कर रही है कि वह किसानों की 24 फसलें एमएसपी पर खरीद रही है, जबकि ये दावा झूठा है, ग्राउंड पर किसानों की फसलें एमएसपी से कम दाम पर बेचनी पड़ रही हैं. इसके अलावा भी कई मुद्दों पर सरकार पूरी तरह से फेल हुई है. ये कहा जाए कि सरकार हर मोर्चे पर विफल हुई है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. उन्होंने कुरुक्षेत्र को राजधानी बनाने का भी मुद्दा उठाया."
वंदे मातरम पर सीएम नायब सैनी का संबोधन: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान कहा "ये गर्व की बात है कि ये महान सदन वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर इस पर चर्चा कर रहा है. इसके लिए मैं सदन के सभी सदस्यों को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने इस चर्चा में भाग लिया. इसमें विपक्ष के नेता भी शामिल हैं. वंदे मातरम एक ऐसा मंत्र है, जिसके जयघोष ने देश की आजादी के आंदोलन में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया."
सीएम नायब सैनी ने कहा कि "आज हम ऐसे कालखंड में खड़े हैं, जब राष्ट्र कई गौरवशाली इतिहासों को एक साथ स्मरण कर रहा है. हमने हाल ही में अपने संविधान के 75 वर्ष पूरे किए हैं. इसी प्रकार, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पूरे देश में मनाई जा रही है. एक महीने तक हमने गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया. हम सब जानते हैं कि 1907 में कोलकाता में वंदे मातरम् का अंग्रेजी अखबार शुरू हुआ. ब्रिटिश सरकार ने इसे सबसे खतरनाक माना."
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वंदे मातरम् के इतिहास पर चर्चा करते हुए कहा, "हमारे कुछ सदस्यों ने कहा कि इस पर चर्चा नहीं होनी चाहिए, ये तो सबके लिए वंदनीय है. मैं कहना चाहता हूं कि ये चर्चा होना बहुत आवश्यक है, इससे युवाओं को वंदे मातरम् की जानकारी मिलेगी. सदन में अभी कुछ कहा गया है, मैं इस पर चर्चा करना चाहता हूं. वंदे मातरम् हमारे देश के लोगों की चेतना है. भारत कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेगा. वंदे मातरम् ने भारत को देश की आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई है."
कांग्रेस का फिर हंगामा, वंदे मातरम के नारे लगाए: CM नायब सैनी ने कहा "150 वर्ष पूरे होने पर हरियाणा में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. जब उस समय के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को अपनी कुर्सी डोलती हुई नजर आई." ये सुनते ही कांग्रेस ने फिर हंगामा करना शुरू कर दिया और वो वेल तक आ गए. जिसके बाद स्पीकर ने चार से पांच बार वार्निंग दी, लेकिन कांग्रेस विधायक नहीं माने जिसके बाद स्पीकर ने नौ विधायकों को नेम किया और सभी नेम किए विधायकों सदन से बाहर जाने की अपील की. स्पीकर ने सख्ती से कहा कि या तो खुद बाहर चले जाएं, या मार्शल इन्हें बाहर करेंगे
स्पीकर ने 9 विधायकों को किया नेम: हंगामा करने पर स्पीकर ने कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़, बलराम दांगी, गीता भुक्कल, कुलदीप वत्स और विकास सहारण समेत नौ विधायकों को नेम किया. स्पीकर ने कहा कि जिन विधायकों को नेम किया गया है, उन्हें सदन से बाहर जाना होगा, या तो उन्हें खुद जाना होगा, अन्यथा मार्शल के माध्यम से बाहर किया जाएगा. जिन विधायकों को नेम नहीं किया गया है, वो अपनी सीट पर बैठ जाएं."
कांग्रेस विधायकों और मार्शल में हाथापाई: स्पीकर हरविंदर कल्याण ने कांग्रेस के 9 विधायकों को नेम किया और उन्हें बाहर जाने को कहा. जिसके बाद मार्शल ने उन्हें बाहर जाने को कहा, लेकिन उन्होंने बाहर जाने से मना कर दिया. इस दौरान कांग्रेस विधायकों और मार्शल के बीच हाथापाई हुई. इस बीच स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने मार्शलों को साफ कहा कि 'जिन विधायकों को नेम किया गया है, वो सदन में नहीं रहने चाहिए.'
भूपेंद्र हुड्डा ने की पैरवी: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि "जिस तरह से राष्ट्रगीत पर चर्चा हुई. उस दौरान जो अन्कनवेशनल बातें हुई हैं, उनको हटा दिया जाए". स्पीकर ने कहा "सदस्यों का जो व्यवहार रहा वो किसी भी तरह एक्सेप्टेबल नहीं है, अगर असंसदीय बातें चर्चा के दौरान हुई है, तो वो सदन की कार्यवाही से हटा दी जाएंगी, लेकिन कांग्रेस सदस्यों का व्यवहार सही नहीं था."
इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने स्पीकर से कहा "कई बार उत्तेजना हो जाती है, राष्ट्रगीत का हम अपमान नहीं होने देंगे, आप से अनुरोध है अब विधायकों को बुला लो." इसके बाद सीएम नायब सैनी ने भी स्पीकर से किया आग्रह बाहर किए गए सभी सदस्यों को वापस बुला लें. इसके बाद स्पीकर ने फैसला किया कि नेम किए सभी नौ कांग्रेसी विधायक सदन में वापस आ सकते हैं.
स्पीकर ने नेम किए विधायकों को सदन में बुलाया: नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्पीकर से आग्रह किया कि सदन से बाहर किए गए विधायकों को बुलाया जाएगा. इसके बाद सीएम नायब सैनी ने भी स्पीकर से आग्रह किया. इसके बाद सभी 9 विधायकों को सदन में बुलाया गया.

