'झुनझुना' मामले पर दीपेंद्र हुड्डा बोले- 'एसडीएम को जवाब देना होगा, मामले की हो उच्चस्तरीय जांच'
Deepender Hooda on Jhunjhuna Case: दीपेंद्र हुड्डा ने गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस का समर्थन किया और सरकार पर निशाना साधा.

Published : February 18, 2026 at 7:41 AM IST
|Updated : February 18, 2026 at 8:59 AM IST
पंचकूला: मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस ने हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया. रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अंबाला से सांसद वरुण चौधरी को प्रदर्शन के दौरान पुलिस हिरासत में लिया. जिन्हें बाद में पंचकूला पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ा गया. इसके बाद दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस का समर्थन किया. बता दें कि कैथल एसडीएम की शिकायत पर उनके ऊपर एफआईआर दर्ज हुई है.
'सरकारें बदलेंगी, तो देना होगा जवाब': कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने पंचकूला में प्रेस वार्ता में कहा कि "सरकारें कभी एक पार्टी की नहीं रहती, सरकारें बदलेंगी तो एसडीएम को अपनी कार्यशैली का जवाब देना होगा. विधायक ने एसडीएम को अपने मांग पत्र के साथ सांकेतिक रूप से झुनझुना दिया था, लेकिन इस पर भी उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया, जो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, वाली बात है. ये कैसा लोकतंत्र है? जहां भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया, जबकि एसडीएम जनता का अपमान कर रहा है और भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही हैं. जिस जगह का मुद्दा था, वहां बिना सरकार की मंजूरी के बड़ी तेजी से दुकानों का निर्माण हो रहा है."
सांसद दीपेंद्र के एसडीएम पर आरोप: सांसद दीपेंद्र ने कहा कि "एसडीएम ने पहले कहा था कि मैं जांच करवाऊंगा, लेकिन दुकानें बनती रही और मौके पर जाकर जांच नहीं की. इससे कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार की बू आती है, क्योंकि ठेकेदार को पूरी तरह से छूट दी गई." दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि "जब विधायक देवेंद्र हंस की आवाज अनुसनी हुई, तो वह ज्ञापन देने गए थे, लेकिन उन्हें एक घंटा इंतजार करवाया गया. विधायक ने एसडीएम को बीस बार कॉल किए, लेकिन एक बार फोन उठाया." सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने एसडीएम पर राजनीतिक बयानबाजी 'जनता ने गलत जनप्रतिनिधि चुन लिया है', कहने का आरोप भी लगाया.
एसडीएम के ट्रांसफर की मांग: सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि "यदि सरकार में लोकतंत्र की लाज है, तो एसडीएम को तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर किया जाना चाहिए. विधायक के खिलाफ दर्ज किए मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए. साथ ही विधायक द्वारा उठाए जा रहे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए."
यह है पूरा मामला: गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने 19 जनवरी 2026 को लोगों के साथ गुहला बीडीपीओ परिसर में दुकानों के निर्माण संबंधी मामले में एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया. इस दौरान उनकी एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह से बहस हुई. विधायक देवेंद्र हंस ने आरोप लगाया था कि सरकारी जमीन को खुर्द बुर्द करने और दुकानों की लंबाई बढ़ाने के एवज में भारी भरकम राशि ली गई. शहर की प्राइम लोकेशन, शहीद ऊधम सिंह चौक पर चीका का बीडीपीओ ऑफिस बना हुआ है. इस परिसर की पिहोवा और पटियाला रोड की तरफ दुकानें बनी हैं.
'बिना मंजूरी दुकानों की लंबाई बढ़ाई': विधायक ने आरोप लगाया कि "दिसंबर 2025 में सरकार से मंजूरी लिए बिना दुकानों की लंबाई बढ़ाई गई और निर्माण कार्य अवकाश वाले दिन किया गया. इस संबंध में जब लोगों ने शिकायत दी तो गुहला के एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह को जांच का जिम्मा दिया गया, जिन्होंने जांच में निर्माण कार्य गलत ठहराते हुए काम को रोकने का आदेश सुनाया था. बकौल देवेंद्र हंस एसडीएम ने मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई."
बहस बढ़ने पर झुनझुना पकड़ाया: देवेंद्र हंस ने मामले में बहस बढ़ने पर एसडीएम को झुनझुना थमाते हुए कहा था. "पकड़ो और जाकर बजाते रहो". इस पर एसडीएम ने पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी, जिस पर विधायक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया है.

