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बायतु की सीमा बदलने पर हरीश चौधरी बोले - थार के अपनत्व को खत्म करने की कोशिश

कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा राम के नाम पर गांव में मजदूरों का अधिकार छीनने का काम कर रही है.

Congress MLA Harish Chaudhary
बायतु से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी (Etv Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 8, 2026 at 2:05 PM IST

5 Min Read
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जयपुर: बालोतरा और गुड़ामालानी की सीमाएं बदलने को लेकर जहां बाड़मेर में कई जगह धरने-प्रदर्शन चल रहे हैं, वहीं अब बायतु से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है. बायतु उपखंड को फिर से बाड़मेर में कर दिया गया. इस पर चौधरी ने कहा कि अगर एक बायतु को खत्म करने की कोशिश होगी तो कई बायतु खड़े हो जाएंगे. भाजपा सरकार थार के अपनत्व को खत्म करने का प्रयास कर रही है.

गुरुवार को जयपुर आए हरीश चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह सरकार लगातार बाड़मेर पर प्रहार कर रही है. थार का आधार अपनापन है जो जोड़ने और मोहब्बत का है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार उस पर लगातार प्रहार कर रही है कि कैसे जाति और धर्म के आधार पर उसे तोड़ा जाए. वह उसमें असफल रही तो अब बायतु को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं. इन्हें पता होना चाहिए कि यदि एक बायतु को समाप्त करेंगे तो कई बायतु मजबूती से उभर कर आएंगे. आने वाले वक्त में थार के लोगों का फैसला सरकार पर भारी पड़ेगा.

बायतु विधायक हरीश चौधरी (Etv Bharat Jaipur)

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कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने कहा कि सरकार को केवल पूरे प्रदेश में बायतु और गुड़ामालानी ही दिखे. कोई भी निष्पक्ष आकलन कर ले कि इसका आधार क्या है?. बायतु के दो टुकड़े कर दिए गए, पहले एक बायतु हुआ करता था, उसमें से खेड़ा निकला जो पंचायत समिति भी रही और विधानसभा क्षेत्र भी रही. इस सरकार ने केवल सामाजिक और राजनीतिक लिहाज से ऐसा किया है, लेकिन यह लोग भूल गए कि थार में बड़े-बड़े आक्रमणकारी आए थे. वे सफल नहीं हुए. नरेंद्र मोदी और उनकी कॉर्पोरेट सोच को भी थार में सफलता नहीं मिलेगी.

राम के नाम पर मजदूरों का अधिकार छीना: मनरेगा खत्म कर 'जी राम जी' योजना लाने पर हरीश चौधरी ने कहा कि यही भाजपा का प्रचार मॉडल है, जिसमें गांव के विकास की बात खत्म हो चुकी है. मनरेगा के माध्यम से गांव में और पंचायत में विकास होता था. पहले गांव में कृषि क्षेत्र को खत्म किया, फिर कोऑपरेटिव को खत्म किया और अब गांव के विकास की अंतिम कड़ी मनरेगा को भी समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है. कहने को 125 दिन के रोजगार की बात कर रहे हैं, लेकिन आज से 3 साल बाद केवल लोगों के पास 76 दिन का ही रोजगार रह जाएगा. उन्होंने कहा कि जिस 60:40 औसत की बात सरकार कर रही है, उसमें कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि जितनी भी केंद्र सरकार की 60:40 की स्कीम हैं, उन सबका हश्र क्या हुआ है, सबको पता है. चौधरी ने कहा कि देश में भावनात्मक तौर पर कार्ड खेला जा रहा है. भगवान राम का अपमान इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता है, क्योंकि राम के नाम पर पहले गांवों को खत्म किया जा रहा है, फिर मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं. इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है.

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सांसदों को 50 लाख की राशि बाहर खर्च करने का अधिकार: सांसद निधि कोष की राशि बाहरी राज्यों में विकास के नाम पर खर्च करने को लेकर चल रहे विवाद पर हरीश चौधरी ने कहा कि सांसद को नियमों में अधिकार है कि वह अपने सांसद निधि कोष से 50 लाख रुपए तक की राशि दूसरे राज्य में खर्च कर सकता है. इस पर विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि नियम बनाने का अधिकार तो नरेंद्र मोदी और उनकी कथित टीम पर है. सवाल नरेंद्र मोदी से भी किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार से भी किया जाना चाहिए कि यह नियम गलत बने हुए हैं.

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राजस्थान में अधिकांश संस्थाएं कमजोर: राजस्थान में मिड-डे मील में भ्रष्टाचार का मामला एसीबी में दर्ज होने को लेकर हरीश चौधरी ने कहा कि राजस्थान में लगभग हर संस्थाएं कमजोर हो चुकी हैं. ज्यादातर संस्थाएं खत्म हो चुकी हैं. यह स्वीकार कर लेना चाहिए. राज्य हित में जरूरी है कि संस्थाओं का पुनर्निर्माण हो और उन्हें मजबूती दी जाए. जहां तक मिड-डे मील की बात है, किसी भी क्षेत्र में चले जाओ, राजस्थान में हर दिशा में, हर क्षेत्र में यही स्थिति है.