राज्यसभा चुनाव 2026: इस बार लोकल कैंडिडेट के लिए वोकल कांग्रेस के विधायक, कहा- उच्च सदन में झारखंड की आवाज हो बुलंद
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: कांग्रेस विधायकों की मुखर मांग- 'स्थानीय ही उम्मीदवार बने'

Published : May 31, 2026 at 7:20 PM IST
रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. 1 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जबकि 18 जून को जरूरत पड़ने पर मतदान होगा. उसी शाम मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे. हालांकि, NDA और INDIA गठबंधन दोनों की ओर से अभी तक किसी भी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी तेज है.
इस बार कांग्रेस विधायकों और बड़े नेताओं की आवाज एकदम साफ है, झारखंड से राज्यसभा उम्मीदवार झारखंड का ही होना चाहिए. पार्टी के विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप सहित कई विधायकों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है. राजेश कच्छप ने कहा, "हमारे पास पर्याप्त संख्या है. महागठबंधन की सरकार चलाने जितनी ताकत हमारे पास है, उतनी दोनों राज्यसभा सीटें जीतने के लिए काफी है. हमें बाहर से संख्या जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी." उन्होंने आगे कहा, "हम सब चाहते हैं कि इस बार झारखंड से उम्मीदवार कोई स्थानीय नेता ही हो, ताकि हमारी आवाज राज्यसभा में मजबूती से गूंजे."
पहले भी उठ चुकी है स्थानीय उम्मीदवार की वकालत
कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप से पहले बेरमो विधायक अनूप सिंह भी स्थानीय नेता को टिकट दिए जाने की वकालत कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस आलाकमान ने भरोसा दिलाया है कि इस बार राज्यसभा उम्मीदवार झारखंड का ही होगा, जो एक अच्छी पहल है.
मुख्यमंत्री का बयान vs कांग्रेस विधायकों की अपेक्षा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि दोनों सीटें महागठबंधन की झोली में आएंगी, लेकिन उन्होंने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि झामुमो और कांग्रेस दोनों एक-एक सीट पर उम्मीदवार उतारेंगे. इस पर पूछे जाने पर राजेश कच्छप गोलमोल जवाब देकर आगे बढ़ गए.
कांग्रेस के लिए मौका, लंबे समय से सूखा पड़ा है
वर्तमान में राज्यसभा में झारखंड के 5 सदस्यों में से कोई भी कांग्रेस का नहीं है. दो सदस्य झामुमो से (महुआ माजी और सरफराज अहमद) और तीन भाजपा से (दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, आदित्य साहू) हैं. 2026 में चुनाव वाली दोनों सीटों में एक सीट शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) के निधन के कारण खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट दीपक प्रकाश के कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही है.
कांग्रेस विधायकों और पदाधिकारियों का मानना है कि लंबे समय बाद पार्टी को राज्यसभा में वापसी का अच्छा मौका मिला है और उम्मीदवार भी झारखंडी होना चाहिए. राजनीतिक गलियारों में अब नजरें उम्मीदवार घोषणा और गठबंधन की रणनीति पर टिकी हुई हैं.
ये भी पढ़ें:
झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उतारेगी अपना उम्मीदवार, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

