हरियाणा में यूथ पॉलिटिक्स तेज... ईटीवी भारत से बोले आदित्य सुरजेवाला- "Gen Z बेहतर भविष्य चाहता है, युवा जाति-धर्म की राजनीति से नहीं टूटेगा"
आदित्य सुरजेवाला ने HKRN, बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा. साथ ही युवाओं के रोजगार और बेहतर भविष्य की मांग की.

Published : August 14, 2026 at 11:23 AM IST
|Updated : August 14, 2026 at 12:04 PM IST
चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए "युवाओं की गूंज" कार्यक्रम शुरू करने का ऐलान किया है. पार्टी ने इसके केंद्र में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को रखा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय अस्थायी नियुक्तियों के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है. इसी मुद्दे पर हरियाणा विधानसभा के सबसे युवा कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की.
"कांग्रेस हमेशा युवाओं की पार्टी रही": ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि, "कांग्रेस हमेशा युवाओं की पार्टी रही है. हरियाणा विधानसभा में आज भी कांग्रेस के सबसे ज्यादा युवा विधायक हैं. कांग्रेस पार्टी हमेशा कहती है कि युवा का न कोई धर्म होता है, न कोई जाति होती है. युवा हमारा भविष्य है. यदि सरकार युवाओं की आवाज नहीं उठाती और उनके लिए बेहतर हरियाणा और भारत बनाने की दिशा में काम नहीं करती तो ऐसी सरकार की नाकामी तय है."
HKRN पर पहले भी सवाल उठा चुकी है कांग्रेस: युवाओं को लेकर कांग्रेस के अभियान संबंधित सवाल जब ईटीवी भारत ने पूछा कि क्या दिल्ली में युवाओं के प्रदर्शन के बाद पार्टी Gen Z को साधने की कोशिश कर रही है, तो सुरजेवाला ने इसे खारिज करते हुए कहा कि, "HKRN का मुद्दा कांग्रेस पहले भी उठाती रही है और आगे भी उठाएगी. प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ने का असर कानून-व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक पर पड़ रहा है. हमने ठान रखा है कि यह बीजेपी सरकार जब तक युवाओं को रोजगार नहीं देती, तब तक हम आवाज उठाते रहेंगे. हरियाणा सरकार में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, लेकिन सरकार न तो नियमित कर्मचारियों की भर्ती करना चाहती है और न ही अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की दिशा में गंभीरता दिखा रही है."
15 लाख आवेदन पेंडिंग होने का दावा: HKRN के आंकड़ों का हवाला देते हुए आदित्य सुरजेवाला ने दावा किया कि पोर्टल पर करीब 15 लाख युवाओं की एप्लीकेशन पेंडिंग पड़ी हैं. उन्होंने कहा कि, "इसका मतलब 15 लाख बेरोजगार बैठे हुए हैं, जो रोजगार चाह रहे हैं. हिसार, भिवानी और जींद जैसे जिलों में करीब एक-एक लाख आवेदन लंबित होने का दावा सामने आता है. साल 2022 से फरवरी 2026 तक HKRN के जरिए केवल करीब 16,863 नौकरियां दी गईं. जो यह एक लाख बीस हजार का नारा सीएम लगाते हैं, जिसका ढोल वह पीटते हैं, वह बिल्कुल खोखला है."
"एक जेब से निकालकर दूसरी में डाल दिया": कांग्रेस विधायक ने कहा कि, "सरकार द्वारा बताए जा रहे करीब 97 हजार अन्य कर्मचारी वास्तव में पहले से ही किसी दूसरे विभाग या ठेकेदार के माध्यम से अस्थायी तौर पर काम कर रहे थेउन्होंने एक जेब से निकाला, दूसरे जेब में डाला और बोल दिया कि हमने नई नौकरी दे दी.” सुरजेवाला के मुताबिक इसे नई भर्ती के रूप में प्रचारित करना युवाओं के साथ छल है. साल 2025 में चुनाव खत्म होने के बाद HKRN के जरिए पूरे प्रदेश में करीब 1,050 नौकरियां ही दी गईं. पानीपत में सात, महेंद्रगढ़ में 11 और कैथल में नौ नियुक्तियों जैसे आंकड़े सामने आए. ये सरकार की रोजगार नीति की विफलता है."
जॉब सिक्योरिटी पर भी सरकार को घेरा: मुख्यमंत्री की ओर से करीब एक लाख 20 हजार कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने के दावे पर भी सुरजेवाला ने सवाल उठाते हुए कहा कि, "जब संबंधित बिल विधानसभा में आया तो उन्होंने उसमें संशोधन का प्रस्ताव रखा था. कांग्रेस पार्टी ने मुझे प्रमोट किया था कि मैं युवा हूं और उनकी आवाज को उठाने का काम करूं. सरकार ने कर्मचारियों को स्थायित्व देने के लिए पांच साल की शर्त और 15 अगस्त 2029 की डेडलाइन तय की है. मैंने विधानसभा में कहा था कि आप पांच साल की डेडलाइन क्यों लगा रहे हो. कांग्रेस की सरकार होती थी तो पद खाली होने पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करते थे."
"मई 2026 तक एक भी कर्मचारी पक्का नहीं हुआ": कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि, "मई 2026 तक ये एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं कर पाए, जॉब सिक्योरिटी नहीं दे पाए. सरकार की नीति ही स्थायी रोजगार देने की नहीं है. युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ पहले से काम कर रहे कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा भी जरूरी है."
Portal की तकनीकी दिक्कतों पर भी निशाना: HKRN से जुड़े पोर्टल की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि, "पहले दस्तावेजों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया हुई और करीब 70 फीसदी दस्तावेजों के सत्यापन का दावा किया गया. इसके बाद पोर्टल बनाने की बात सामने आई. पोर्टल में लगातार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं. कभी OTP फेल, कभी लॉगिन फेल, कभी हैंग हो रहा है. सरकार की व्यवस्था के कारण युवाओं को आवेदन और रोजगार की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार न तो नई नौकरियां देने को तैयार है और न ही अस्थायी कर्मचारियों को स्थायित्व देने के लिए प्रभावी व्यवस्था बना पा रही है."
First In First Out नीति पर भी हमला: सुरजेवाला ने कर्मचारियों को हटाने की कथित First In First Out नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने इसका अर्थ बताते हुए कहा कि, "जो सबसे पहले लगा, उसको पहले हटाएंगे. इस व्यवस्था से कर्मचारी पांच साल की पात्रता पूरी करने से पहले ही बाहर हो सकते हैं और उन्हें नौकरी की सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा. कांग्रेस 19 अगस्त को युवाओं के रोजगार का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी. विधानसभा सत्र के दौरान भी पार्टी इस विषय को उठाने की तैयारी में है. अगर आप युवाओं को रोजगार नहीं दिला सकते, युवाओं का भविष्य बेहतर नहीं बना सकते तो उससे बड़ा फेलियर सरकार का हो ही नहीं सकता."
Gen Z को लेकर क्या बोले सुरजेवाला?: Gen Z को लेकर पूछे गए सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि, " मैं खुद इस पीढ़ी से आता हूं.मैं खुद इकलौता Gen Z हूं. 1999 वालों को Gen Z कह देते हैं, वैसे तो साल 2000 को मानते हैं. युवाओं के साथ लगातार संवाद करने से उन्हें उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का मौका मिलता है."
"बीजेपी सरकार ने Gen Z का दिल तोड़ा": सुरजेवाला ने कहा कि, "बीजेपी सरकार ने Gen Z का दिल तोड़ा है. हरियाणा के कई गांवों में युवा जमीन बेचकर या कर्ज लेकर विदेश जाने के बारे में सोच रहे हैं. रोजगार की कमी के कारण युवा अपने ही प्रदेश में भविष्य तलाशने के बजाय विदेश जाने को मजबूर महसूस कर रहे हैं."
IIT-JEE और HKRN की तुलना: युवाओं की रोजगार स्थिति को समझाने के लिए सुरजेवाला ने IIT-JEE और HKRN के आंकड़ों की तुलना की. उन्होंने कहा कि करीब 15 लाख बच्चे IIT-JEE की परीक्षा देते हैं, जबकि सभी IITs में करीब 18,150 सीटें हैं. उनके मुताबिक इसका एक्सेप्टेंस रेट करीब 1.21 प्रतिशत बैठता है. वहीं उन्होंने HKRN में भी 15 लाख आवेदन होने का दावा करते हुए इसका एक्सेप्टेंस रेट करीब 1.12 प्रतिशत बताया.
युवाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ने का दावा: सुरजेवाला ने कहा कि, "दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों के बाद युवाओं में राजनीतिक जागरूकता बढ़ी है. कांग्रेस का "युवाओं की गूंज" अभियान रोजगार के मुद्दे को युवाओं के बीच मजबूती से उठाने का प्रयास है." हरियाणा सरकार और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के युवाओं के बीच जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर सुरजेवाला ने कहा कि, "इसके पीछे सरकार में युवाओं को लेकर पैदा हुआ डर है. भाजपा जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करती है. उनको डर बैठ गया है. उनको समझ आ गया है कि युवा एक ऐसा व्यक्ति है जिसको वे अपनी जाति या धर्म के पोलराइजेशन से नहीं तोड़ पाए. युवा इन मुद्दों से ऊपर उठकर अपने भविष्य को देखना चाहता है."
"युवा बेहतर भविष्य चाहता है": सुरजेवाला ने कहा कि, "युवा का न धर्म है, न जाति है. युवा बेहतर भविष्य चाहता है. कांग्रेस युवाओं के लिए बेहतर रोडमैप तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष युवाओं के बीच जाकर केवल PR करने की कोशिश कर रहे हैं. युवाओं को केवल राजनीतिक नारों की जरूरत नहीं है, बल्कि रोजगार और सुरक्षित भविष्य की जरूरत है. उन्होंने कहा, “उनके पास कोई असली प्लान नहीं है."
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