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मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस का राज्यव्यापी उपवास, रांची में बापू की प्रतिमा के समक्ष उपवास पर बैठे नेता

रांची में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत कांग्रेस नेताओं ने एकदिवसीय उपवास रखा.

Congress leaders observed one day fast as part of MGNREGA Bachao Sangram campaign in Ranchi
कांग्रेस नेताओं का उपवास कार्यक्रम (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : January 11, 2026 at 6:44 PM IST

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रांची: यूपीए सरकार के शासनकाल में शुरू रोजगार की गारंटी देनेवाली योजना "मनरेगा" को वर्तमान मोदी सरकार ने बंद कर "विकसित भारत जी राम जी" योजना शुरू की है.

कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार द्वारा किये गए इस बदलाव को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान के साथ-साथ मजदूरों के हक और अधिकार को खत्म करना बता रही है. कांग्रेस ने केंद्र की ओर से मनरेगा की जगह जी राम जी योजना शुरू करने के विरोध में 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम की घोषणा की है.

कांग्रेस का राज्यव्यापी उपवास कार्यक्रम (ETV Bharat)

इसी कार्यक्रम के तहत आज रांची सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी या संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष आज सामूहिक उपवास किया. रांची में महानगर कांग्रेस की अगुवाई में मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष उपवास पर बैठे.

ये प्रमुख नेता आज के उपवास में हुए शामिल

रांची स्थित बापू वाटिका में मनरेगा में हुए बदलाव के खिलाफ कांग्रेस के उपवास कार्यक्रम में महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार राजा, जेपीसीसी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, महासचिव राकेश सिन्हा, कृषि विपणन पर्षद के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह, सुनील सिंह सहित कई नेता शामिल हुए.

'मनरेगा को बदलकर मजदूरों के अधिकार को मारने की हुई कोशिश'

मनरेगा बचाओ संग्राम के तरह आज एकदिनी उपवास के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने मनरेगा में बदलाव किया है उससे साफ है कि सरकार की मंशा न सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी विरोधी की है. बल्कि उसने मजदूरों के अधिकार पर भी कुठाराघात किया है.

उन्होंने कहा कि सरकार की इस मजदूर और मनरेगा विरोधी नीति के विरोध में कांग्रेस ने 45 दिनों का कार्यक्रम तय किया है. मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत आज राज्यभर में कांग्रेसियों ने उपवास रखकर मोदी सरकार को यह संदेश देने का काम किया है कि वह मनरेगा को समाप्त नहीं होने देंगे.

केशव महतो कमलेश ने कहा कि 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर नुक्कड़ सभा और अभियान के तहत प्रदर्शन होगा. 30 जनवरी को हर वार्ड में धरना, 31 जनवरी से 06 फरवरी तक सभी जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन होगा. वहीं 7 फरवरी 15 तक के बीच विधानसभा या राजभवन का घेराव करने की योजना है.

'मोदी सरकार ने जुल्म की इंतिहा कर दी'

उपवास के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस विधायक और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि समाज का कोई ऐसा वर्ग नहीं है जिसे मोदी सरकार ने परेशान और तबाह नहीं किया है. मणिपुर की घटना में वहां के आदिवासी समुदाय के साथ क्या हुआ, यह सब जानते हैं. उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय के साथ यही हुआ और अल्पसंख्यकों के साथ तो जुल्म की इंतिहा ही हो गयी.

मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मनरेगा में बदलाव कर मोदी सरकार ने अब मजदूरों को रोजगार पाने के हक और अधिकार पर हमला बोला है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उपवास के दौरान ही कांग्रेस नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और जय जवान-जय किसान के नारे लगाए.

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