शिमला में बीच सड़क कांग्रेस नेता का हंगामा, पुलिस ने रोका, चीख-चीखकर CM पर लगाए संगीन आरोप
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : April 9, 2026 at 11:23 AM IST
|Updated : April 9, 2026 at 11:33 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बीते मंगलवार सुबह उस वक्त हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया. इस दौरान मौके पर जमकर बहस हुई और मामला गर्मा गया. बैंस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज्य की सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पुलिस ने रोका तो भड़के नेता
जानकारी के मुताबिक, युद्धवीर सिंह बैंस अपने निजी वाहन से कहीं जा रहे थे. इसी दौरान शिमला के कार्ट रोड पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया. पुलिस द्वारा रोके जाने पर बैंस नाराज हो गए और उन्होंने मौके पर ही विरोध शुरू कर दिया. उन्होंने पुलिस से पूछा कि आखिर किस आधार पर उन्हें रोका गया है. इस दौरान वहां कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
“अगवा करने की कोशिश”
कांग्रेस नेता युद्धवीर बैंस ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि शिमला पुलिस उन्हें अगवा करने की कोशिश कर रही थी. इतना ही नहीं, उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि वे वहां से न जाएं और आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरा है. वीडियो में बैंस कहते हुए नजर आ रहे हैं कि “मत जाओ, ये लोग मेरा मर्डर कर देंगे.” उनके इस बयान के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया.
CM के खिलाफ ED की शिकायत
बैंस ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) को शिकायत दी हुई है, जिसके चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अदालत से जमानत की सुरक्षा मिली हुई है, इसके बावजूद पुलिस उनके पीछे लगी हुई है, जो कई सवाल खड़े करता है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. खुद युद्धवीर बैंस ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा किया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस और बैंस के बीच तीखी बहस हो रही है. इस घटना के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
पुलिस पर पीछा करने के आरोप
बैंस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जब वह 7 अप्रैल को हाईकोर्ट में अपने केस की सुनवाई के बाद बाहर निकले, तो पुलिस ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें कई जगहों पर रोका गया और हिरासत में लेने की कोशिश की गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस होटल में उनका बेटा और वकील ठहरे थे, वहां भी पुलिस ने जाकर पूछताछ की.
कौन हैं युद्धवीर बैंस?
युद्धवीर बैंस एक कारोबारी हैं और वे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के करीबी होने का दावा करते हैं. युद्धवीर बैंस के खिलाफ कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के लोन को न चुकाने को लेकर विजिलेंस में मामला चल रहा है. बैंक डिफाल्टर केस में वे जांच का सामना कर रहे हैं. पिछले साल हाई कोर्ट से उन्हें अंतरिम जमानत मिली है. बता दें कि बैंस ने केसीसी बैंक से दो लोन लिए हैं. बैंस पूर्व में आरोप लगा चुके हैं कि सीएम सुखविंदर सुक्खू उनकी मनाली की संपत्ति को प्रियंका वाड्रा को देना चाहते हैं.
इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस नेता के आरोपों ने सुक्खू सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है. हालांकि, पुलिस या सरकार की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है.
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