वीबी जी राम जी एक्ट में राम का नाम नहीं, भाजपा बता दे तो मैं 1 लाख का इनाम दूंगा : खाचरियावास
मनरेगा का नाम बदलने और उसमें कई बदलावों को लेकर जयपुर में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर सवाल खड़े किए.

Published : January 10, 2026 at 3:39 PM IST
|Updated : January 10, 2026 at 4:54 PM IST
जयपुर : मनरेगा का नाम बदलने और उसमें कई बदलाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ हमला बोल रखा है. कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर मुखर होकर आंदोलन कर रही है. आंदोलन की इस कड़ी में शनिवार को कांग्रेस ने सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीबी जी रामजी एक्ट पर सवाल खड़े किए और केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में भी जयपुर शहर कांग्रेस के नेताओं ने इस पर सवाल खड़े किए.
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने दावा किया कि वीबी जी रामजी एक्ट में भगवान राम का नाम ही नहीं है. अगर कोई भाजपा के नेता बता दे कि इस एक्ट में भगवान राम का नाम है तो 'मैं उसे एक लाख रुपए का इनाम दूंगा'. भाजपा को राम के नाम से भी दिक्कत है. इन्हें राम के नाम पर वोट चाहिए, लेकिन राम का नाम नहीं चाहिए. भाजपा केवल झूठ फैला रही है. इन्होंने भगवान राम का अपमान किया है, उनके तमाम केंद्रीय मंत्री और नेता झूठ बोल रहे हैं. इन्हें शर्म आनी चाहिए. महात्मा गांधी का नाम हटा दिया तो कम से कम 'राम' का नाम तो इसमें जोड़ दो, क्योंकि महात्मा गांधी भगवान राम के परम भक्त थे. जब उन्हें गोली लगी थी तभी उनके मुंह से हे राम ही निकला था.
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महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहती है भाजपा : प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिस तरह से महात्मा गांधी जैसी महान आत्मा का नाम मनरेगा से हटाया गया है, ऐसी आशंका है कि जो नोट भारत में है और भारत में छपते हैं उन पर से भी महात्मा गांधी की फोटो न हटा दी जाए. इस तरह का षड्यंत्र भाजपा में हो रहा है. बीवी जी राम जी एक्ट में भगवान राम का नाम नहीं होने को लेकर हम भाजपा के खिलाफ FIR दर्ज करवाएंगे और कानून नोटिस भी देंगे. अब उनके मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है कि वह अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर जी राम जी के बारे में बताएंगे, लेकिन उन्हें कुछ पता नहीं है. उनके मंत्रियों के दरवाजे हमेशा बंद रहते हैं.
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60:40 के रेशियो से नहीं चल पाएगी योजना : जयपुर कांग्रेस के प्रभारी रोहित बोहरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल मनरेगा योजना का नाम ही नहीं बदला बल्कि उसका एक्ट भी बदल दिया है. राजीव गांधी ने 73वें और 74वें संविधान संशोधन कर पंचायत राज एक्ट में जो बदलाव किया था इस सरकार ने उसे कमजोर करने काम किया है, जो 80 हजार करोड़ रुपए हर साल गांव में विकास के नाम पर खर्च होते थे वो पैसा खर्च नहीं हुआ है. 2022 में जो काम हुए थे उसका पैसा आज तक सरपंचों को नहीं मिला है. पहले केंद्र सरकार 90% पैसा देती थी, लेकिन अब 60:40 का रेशियो कर दिया है. 'मैं गारंटी से कहता हूं कि राज्यों के पास पैसा नहीं है'. तीन-तीन महीने में पेंशन का पैसा दिया जा रहा है तो फिर मनरेगा पर कैसे खर्च कर लेंगे? यह योजना ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है.
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केंद्र सरकार को इस एक्ट को वापस लेना पड़ेगा : कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों का रोजगार छिनने का काम किया है. ये सरकार फिर से उन्हें बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है. कांग्रेस पार्टी लगातार इस मुद्दे पर सदन से सड़क तक लड़ती रहेगी. जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने कहा कि गांव से पलायन रोकने के लिए हमारी सरकार ने मनरेगा कानून लागू किया था. आंधी, बरसात, अकाल में भी लोगों को गांव में ही रोजगार मिल रहा था, लेकिन इस सरकार ने उसे कमजोर करने का काम किया है. इसके विरोध में हम लगातार आंदोलन कर रहे हैं. रविवार को भी जयपुर के शहीद स्मारक पर एक दिन का उपवास करके मौन सत्याग्रह करेंगे. सुबह 11 से लेकर शाम 4 बजे तक मौन सत्याग्रह चलेगा, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहेंगे.
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बारां में मनरेगा बचाओ संग्राम : कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी का एक दिवसीय उपवास रविवार को जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक होगा. यह जानकारी अभियान प्रभारी पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत ने शनिवार को कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दी. प्रेस वार्ता को विधायक प्रमोद जैन भाया व अभियान प्रभारी पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत ने संबोधित किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी की यह नीति महात्मा गांधी के सख्त खिलाफ है. बीजेपी ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने का काम किया है. अंदर से तो बीजेपी महात्मा गांधी के लिए मीठी-मीठी बातें करती हैं और इस प्रकार मनरेगा योजना को बंद कर महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहती है. इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं और विरोध कर रहे हैं.
डीडवाना-कुचामन में भी विरोध : कांग्रेस ने केंद्र सरकार के मनरेगा में किए जा रहे बदलावों पर तीखा विरोध दर्ज कराया. मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना मुद्दा नहीं है, असली खतरा इसकी मूल भावना यानी काम के अधिकार को कमजोर करना है. उन्होंने बताया कि एआईसीसी के निर्देश पर कांग्रेस 45 दिनों तक गांव-गांव चौपालों में चर्चा करेगी. उपवास और जनसभाओं के माध्यम से जनता को जागरूक करेगी. मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का सड़कों पर विरोध किया जाएगा. महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए आजीविका और सम्मान का आधार रही है. केंद्र सरकार के प्रस्तावित बदलावों से महिलाओं और गरीब मजदूरों पर सीधा असर पड़ेगा, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी.

