हिमाचल सदन में बिना वारंट पुलिस की एंट्री? कुलदीप राठौर ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इसे संवैधानिक अधिकार बताया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 6:36 PM IST
शिमला: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस की ओर से किए गए प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है. इसको लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इसे संवैधानिक अधिकार बताया है. इसके साथ ही कुलदीप राठौर ने केंद्र सरकार और भाजपा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
कुलदीप राठौर ने प्रदर्शन का किया समर्थन
शिमला में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन प्रभावी और शांतिपूर्ण रहा. युवा कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित US ट्रेड डील के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया. उन्होंने किया कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना देशविरोध नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है. कुलदीप राठौर ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया है.
हिमाचल सदन में पुलिस कार्रवाई पर सवाल
कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि, "प्रदर्शन के बाद दिल्ली स्थित हिमाचल सदन में देर रात पुलिस ने गलत तरीके से प्रवेश किया और गिरफ़्तारी की कोशिश की. पुलिस बिना वॉरंट के पहुंची थी. इस मामले में दिल्ली पुलिस के खिलाफ हिमाचल पुलिस सख्त कार्रवाई करे. वर्तमान माहौल में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन को देश के खिलाफ बताया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है."
AI समिट में 'चाइनीज रोबोट' पर भी उठाए सवाल
कुलदीप सिंह राठौर ने AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ब्लॉक में प्रदर्शित कथित चीनी रोबोट को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इससे देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है. उनका आरोप है कि भाजपा नेता इस मुद्दे पर चुप हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को ही निशाना बना रहे हैं. कुलदीप सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन गलत नहीं था. इसलिए वे इस प्रदर्शन का पुरजोर समर्थन करते हैं. यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए. अन्यथा आनेवाले समय में जो आक्रोश युवाओं के अंदर है, मौजूदा सरकार को इसका सामना करने पड़ेगा.
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