अंकिता भंडारी केस को लेकर अल्मोड़ा में उबाल, करन माहरा बोले- सीएम धामी और रेनू बिष्ट से भी हो पूछताछ
अल्मोड़ा में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कथित वीआईपी प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग, कांग्रेस ने निकाला जुलूस, करन माहरा सरकार पर बरसे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 5, 2026 at 4:30 PM IST
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की चिंगारी लगातार सुलगती जा रही है. एक बार फिर से पूरा उत्तराखंड अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आया है. इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अल्मोड़ा में जोरदार प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले की आरोपियों को बचाने की साजिश कर रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कांग्रेस ने कहा कि जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक वो अपना संघर्ष जारी रखेंगे.
वीआईपी कौन? कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या जब हुई थी, तब पूरा प्रदेश आंदोलनरत था. इस दौरान मैं भी पदयात्रा में गढ़वाल गया था, लेकिन तब यह नहीं पता था कि पुलकित आर्या के साथ इस घटना में कौन वीआईपी शामिल है. उन्होंने कहा कि अब बीजेपी के एक पूर्व विधायक की पत्नी ने कथित 'वीआईपी' का उजागर किया है. अब पुलिस और प्रशासन को मामले में कार्रवाई कर तत्काल उसे गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ करनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में हो सीबीआई जांच: करन माहरा का कहना है कि हमने सरकार से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच की जाए. ताकि, जांच सही हो सके. क्योंकि, अंकिता ने अपने आखिरी बयान जो उसने व्हाट्सएप में भेजा था, उसमें कहा था कि किसी वीआईपी को 'एक्स्ट्रा सर्विसेज' देने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा है. तब भी पुलिस ने शर्मनाक ढंग से बयान दिया था कि वीआईपी एक कमरा था. आज सरकार भी उसी बात को दोहरा रही है.
अंकिता हम शर्मिंदा हैं,
— Karan Mahara (@KaranMahara_INC) January 5, 2026
गट्टू-भट्टू ज़िंदा हैं#AnkitaBhandari #JusticeForAnkitaBhandari pic.twitter.com/Oa8ejzIWpG
बुलडोजर चला कर तथ्य मिटाने वालों से भी हो पूछताछ: करन माहरा ने ये भी कहा कि जरूरत है कि मुख्यमंत्री और यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट से इस मामले में पूछताछ की जाए. उनके बयान दर्ज हों, क्योंकि उन्होंने बुलडोजर चला कर फॉरेंसिक जांच के तथ्य मिटाने का काम किया है. वहीं, जिन वीआईपी के नाम लिए गए हैं, उनके खिलाफ सीबीआई जांच हो. ताकि, दूध का दूध और पानी का पानी हो और अंकिता के हत्यारों को सजा हो.

अल्मोड़ा के बाजार में निकाला जुलूस: अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने अल्मोड़ा बाजार में जुलूस निकाला. इस जुलूस में सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे. इस दौरान प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया. सभी ने एक सुर में अंकिता भंडारी के हत्यारों को फांसी देने की मांग की.
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