इमरान प्रतापगढ़ी बोले- मनरेगा में बदलाव श्रमिकों के साथ धोखा, अरावली बेचने की है साजिश
मोदी सरकार पर जमकर बरसे कांग्रे नेता इमरान प्रतापगढ़ी. मनरेगा के नाम और नियमों में बदलाव को बताया सियासत. जानिए और क्या कहा...

Published : December 24, 2025 at 9:23 PM IST
अजमेर: राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने बुधवार को यहां केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. वे अजमेर शरीफ दरगाह पर पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से चादर पेश करने आए थे. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मनरेगा, अरावली, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंसा सहित कई मुद्दों पर केंद्र सरकार और भाजपा को निशाना बनाया.
प्रतापगढ़ी ने मनरेगा के नाम और नियमों में बदलाव को केवल सियासत बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई 12 करोड़ श्रमिकों को रोजगार की गारंटी देने वाली इस योजना को खत्म करने की साजिश हो रही है. उन्होंने कहा कि सदन में रात एक बजे तक चर्चा कर नियम बदले गए. पहले 90% धन केंद्र देता था, अब 60% ही देगा और 40% राज्यों को देना होगा. राज्य पहले से कर्ज में डूबे हैं, इससे योजना बर्बाद हो जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस सदन से सड़क तक इसका विरोध करेगी और जिस तरह कृषि कानून वापस लिए गए, उसी तरह इन बदलावों को भी वापस लेना पड़ेगा.
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'सबका साथ-सबका विकास' नारे पर उठाया सवाल: भाजपा के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे को हास्यास्पद बताते हुए प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो रही हैं, लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं और अल्पसंख्यकों-दलितों के खिलाफ जहरीले बयान दिए जा रहे हैं.
अरावली के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री पर 'झूठ' का आरोप: अरावली पर्वतमाला के मुद्दे पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर देश के सामने झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मंत्री जी कहते हैं कि अरावली खत्म करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन सरकार वैसा कानून ला रही है. मोदी सरकार अपने उद्योगपति मित्रों को खनन के लिए अरावली बेचना चाहती है. उन्होंने चेताया कि अरावली के नष्ट होने से दिल्ली की तरह राजस्थान और हरियाणा भी 'गैस चैंबर' बन सकते हैं. उन्होंने कहा- केंद्र सरकार जल, जंगल और जमीन की दुश्मन है.
बांग्लादेश हिंसा पर केंद्र सरकार की चुप्पी शर्मनाक: बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की हत्या पर प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है. प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री को बताना चाहिए कि वे पड़ोसी मुल्क में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रहे हैं. यह बहुत शर्मनाक है.
पूर्व मंत्री नसीम अख्तर की गाड़ी रोकने पर विवाद: इस दौरान एक विवाद भी हुआ, जब प्रतापगढ़ी के काफिले में शामिल पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री नसीम अख्तर की गाड़ी को धान मंडी के पास पुलिस ने रोक दिया. इस पर नसीम अख्तर ने विरोध में धरना दिया. बाद में पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के हस्तक्षेप और पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ.

