हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड में राजनीति बदलाव का किया दावा, महेंद्र भट्ट को फिर लपेटा, बताई ये बात
कांग्रेस पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने फिर बड़ा बयान दिया है. जिससे राजनीति सरगर्मी बढ़ सकती है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 25, 2026 at 10:54 AM IST
|Updated : August 25, 2026 at 12:48 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान में कांग्रेस पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति में इस समय जबरदस्त परिवर्तन दिखाई दे रहा है और आने वाले समय में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सकती है. इस दौरान उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि जब वो 1997 में मंत्री हुआ करते थे, तब महेंद्र भट्ट उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाया करते थे.
हरक सिंह रावत ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से उत्तराखंड की राजनीति को करीब से देखते और समझते आए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति को लेकर उनका आकलन गलत नहीं हो सकता. उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर कांग्रेस के वोट प्रतिशत के करीब 34 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान जताया. हरक सिंह रावत ने कहा कि पिछले चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत का अंतर रहा है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह अंतर कम होता दिखाई दे रहा है.
उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा के वोट प्रतिशत में करीब साढ़े तीन से साढ़े चार प्रतिशत की कमी आती है और कांग्रेस को उसका लाभ मिलता है, और कांग्रेस भाजपा से आगे निकल सकती है. उन्होंने कहा कि पहले भी कई चुनावों में दोनों दलों के बीच वोट प्रतिशत का अंतर बेहद कम रहा है. हालांकि साल 2017 और साल 2022 के चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के वोट प्रतिशत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला था. उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान परिस्थितियां कांग्रेस के पक्ष में बदलती हुई नजर आ रही हैं.
इस दौरान हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट अभी “ख्वाब में जी रहे हैं”. रावत ने अपने छात्र राजनीति के दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि जब वो एबीवीपी में महामंत्री हुआ करते थे, तब किस तरह कभी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ता उनके विरोध में नारे लगाते थे, जो आजकल मेरे चेले बने हुए हैं. हरक सिंह रावत ने कहा कि जब उनके खिलाफ नारे लगाए गए तो उन्होंने इसे राजनीतिक लोकतंत्र का हिस्सा बताया.
उन्होंने कहा कि युवाओं की ओर से नारे लगाए जाने से उन्हें बुरा नहीं लगा, बल्कि पुराने राजनीतिक दौर की यादें ताजा हो जाती हैं. हरक सिंह रावत ने कहा कि वह लंबे समय से राजनीतिक घटनाक्रम और जनता के रुझान का अध्ययन करते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी समेत विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर उन्हें जमीनी स्तर पर बदलाव महसूस हो रहा है. हरक सिंह रावत ने कहा कि अभी चुनाव में समय है और अगले तीन-चार महीनों में राजनीतिक परिस्थितियों में और बदलाव संभव है. हालांकि उन्होंने मौजूदा स्थिति के आधार पर कांग्रेस के लिए बेहतर संभावनाएं जताते हुए कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है.
पढ़ें-

