अंकिता भंडारी हत्याकांड, ADG लॉ एंड ऑर्डर से मिले कांगेस नेता, कई सवालों को लेकर दिया ज्ञापन
वीडियो के बाद कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं. इसी कड़ी में गोदियाल ADG लॉ एंड ऑर्डर से मिले.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 30, 2025 at 5:55 PM IST
|Updated : December 30, 2025 at 6:34 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज मंगलवार 30 दिसंबर को अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन से मुलाकात की. इस दौरान कांग्रेस ने ADG लॉ एंड ऑर्डर को अंकिता भंडारी हत्याकांड के विभिन्न बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा.
कांग्रेस ने कहा कि खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक की पत्नी कहने वाली महिला ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक नाम का ज्रिक किया था, जिसको उन्होंने वो वीआईपी बताया था, जिसका जिक्र अक्सर इस केस में किया जाता है और नाम आज तक बाहर नहीं आया.
गणेश गोदियाल ने कहा कि हमारा स्पष्ट मत है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोई न कोई व्यक्ति कथित वीआईपी जरूर था. उन्होंने सरकार और पुलिस विभाग की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मद्देनजर कुछ बिंदु उठाए हैं.
पहला सवाल- अंकिता भंडारी का पार्थिव शरीर नहर से निकालने की अगली रात को रिजॉर्ट पर बुलडोजर किसके आदेश पर चलवाया गया.
दूसरा सवाल- राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने अगर बुलडोजर चलाने वालों के बयान दर्ज किए हों तो उत्तराखंड के नागरिकों को बताया जाए. जब रिजॉर्ट में अंकिता के कमरे को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, तब मुख्यमंत्री ने यह स्वीकार किया कि उनके द्वारा रिजॉर्ट का ध्वस्तीकरण कराया गया है, जिसे उन्होंने श्रेय लेने की कोशिश की.
अंकिता भण्डारी हत्याकांड में शामिल VIP के सम्बंध में पुलिस मुख्यालय देहरादून में ADG लॉ एंड आर्डर, श्री वी. मुरुगेशन जी से मुलाकात कर उठ रहे प्रश्नों को उनके समक्ष रखा। कांग्रेस पार्टी की ये मांग है कि सरकार व पुलिस विभाग इन सभी प्रश्नों के उत्तर जनता के समक्ष जल्द से जल्द दे।… pic.twitter.com/PNbifKXLKF
— Ganesh Godiyal (@UKGaneshGodiyal) December 30, 2025
तीसरा सवाल- क्या एसआईटी ने अपनी जांच में मुख्यमंत्री की इस बात का उल्लेख किया है.
चौथा सवाल- कांग्रेस पार्टी ने ये बिंदु भी उठाया कि क्या एसआईटी ने दिवंगत अंकिता और उसके मित्र के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत संदेशों की गहनता से जांच की है, जिसमें उसकी ओर से स्पष्ट ये बताया जा रहा था कि किसी वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का उस पर भारी दबाव बनाया जा रहा है.
गोदियाल ने सवाल उठाया कि बीजेपी विधायक रेणु बिष्ट की अंकिता भंडारी के शयनकक्ष को ध्वस्त करने में जो भूमिका थी, क्या जांच एजेंसी ने इस दिशा में छानबीन की है? अगर एजेंसी ने इसका संज्ञान लिया है तो जांच एजेंसी की खोज के परिणाम क्या निकले? पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि अंकिता केस में अनगिनत प्रश्न आज भी उठ रहे हैं, जिनके समाधान कारक स्पष्टीकरण सरकार और जांच एजेंसी को स्पष्ट करने चाहिए.
पढ़ें---

