आरएसएस के हिंदू सम्मेलन पर दिग्विजय सिंह का तंज, भागीरथपुरा में जो मरे वे भी हिन्दू थे
रविवार को इंदौर पहुंचे सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए भागीरथपुरा कांड की जांच.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 4:21 PM IST
|Updated : January 11, 2026 at 5:08 PM IST
इंदौर: आरएसएस के शताब्दी वर्ष में हो रहे हिंदू सम्मेलन पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने तीखी टिप्पणी की है. इंदौर में उन्होंने कहा, इंदौर में राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की नाकामी से जिन 21 लोगों की मौत हुई वे भी हिंदू थे. उनकी मृत्यु पर संवेदनशीलता दिखाने की बजाय हिंदू सम्मेलन आयोजित करके कुछ लोग देश में फिर आग लगाना चाहते हैं.
अपने निजी दौरे के दौरान रविवार को इंदौर पहुंचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि भागीरथपुरा कांड की निष्पक्षता से जांच के लिए हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए. साथ ही पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक सुनवाई भी होनी चाहिए, ताकि पीड़ित पक्ष अपनी बात खुलकर रख सकें. उन्होंने ने स्पष्ट किया कि इस घटना में जिन भी कर्मचारियों, अधिकारियों या राजनेताओं की जिम्मेदारी तय होती है, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
भागीरथपुरा की घटना की पहली और नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की बनती है
जिम्मेदारी फिक्स करने से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा और यह दूसरों के लिए नसीहत भी होगी. इतने लोगों की मौत पर किसी के भी इस्तीफा नहीं होने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस घटना की पहली और नैतिक जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की बनती है. क्योंकि वे स्वयं इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं. ऐसे में उन्हें भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जो भी इस पूरे मामले में शामिल है और जिसकी भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, सभी को इस्तीफा देना चाहिए. वहीं, इंदौर में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समक्ष फिर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा की घटना बेहद दर्दनाक है और इस हादसे में जान गंवाने वाले भी हिंदू ही हैं.
इस समय जरूरत संवेदनशीलता, जवाबदेही और न्याय की है, न कि राजनीति या उकसावे की
ऐसे संवेदनशील समय में क्या इस तरह के आयोजनों को कुछ समय के लिए टाला नहीं जा सकता था? उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं और देश में एक बार फिर आग लगाने का काम कर सकते हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस समय जरूरत संवेदनशीलता, जवाबदेही और न्याय की है, न कि राजनीति या उकसावे की. उन्होंने सरकार से अपील की कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए.

