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दून अस्पताल में मरीजों के बीच पहुंचे कांग्रेसी, फीडबैक लेकर बोले- पहाड़ के अस्पताल बने रेफर सेंटर

उत्तराखंड में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार पर बरसी कांग्रेस, कहा- जिला अस्पताल में नहीं मिला उपचार, दून अस्पताल किया जा रहा रेफर

CONGRESS DISTRIBUTED FRUIT PATIENTS
मरीजों को फल बांटते कांग्रेसी (फोटो सोर्स- Congress)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : November 3, 2025 at 9:45 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं. जिसे लेकर प्रदेश भर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में कांग्रेसियों ने भी अपना कार्यक्रम तय किया है. इसी कड़ी में कांग्रेसियों ने रजत जयंती समारोह पखवाड़े के तहत सभी जिलों के जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और निजी अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए. साथ ही सरकार पर गंभीर सवाल उठाए.

कांग्रेसियों ने दून अस्पताल में भर्ती मरीजों को बांटे फल, जुटाई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी: देहरादून में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कांग्रेसियों के साथ राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर 160 से ज्यादा भर्ती मरीजों को फल वितरित किए. इस दौरान कांग्रेसियों ने अस्पताल में एडमिट मरीजों से उनके स्वास्थ्य संबंधी और उनके उपचार की स्थिति पर जानकारी हासिल की.

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का बयान (वीडियो- ETV Bharat)

जिला अस्पताल में नहीं मिला उपचार, दून अस्पताल में कर दिया गया रेफर: वहीं, मरीजों से मुलाकात के बाद सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पर्वतीय जिलों से दून अस्पताल में ज्यादातर मरीज एडमिट मिले. ज्यादातर मरीजों का यही कहना था कि उनका इलाज जिला अस्पताल में नहीं हो पाया. इसलिए उन्हें दून अस्पताल में रेफर कर दिया गया.

राज्य निर्माण के 25 साल बाद भी स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल: उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के 25 साल पूरे होने के बाद भी आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है. राज्य के दूरस्थ जिलों के अस्पतालों में सामान्य हड्डी, सर्जरी, न्यूरो, हृदय उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है. जिस कारण आज जिलों के अस्पताल मात्रा रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं.

जनता को पहाड़ में नहीं मिल पा रहा उपचार: सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पहाड़ की जनता, जिन्होंने राज्य के लिए यह सोचकर संघर्ष किया कि उनको घरों के आसपास के अस्पतालों और जिला अस्पतालों में इलाज मिल जाएगा. उन्हें देहरादून, एम्स ऋषिकेश या हल्द्वानी के अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ.

स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में भी स्वास्थ्य व्यवस्था खस्ताहाल: ऐसे में वो अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि इसी साल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के जिला पौड़ी में जिला अस्पताल में बस दुर्घटना के घायलों का इलाज टॉर्च और मोमबत्ती की रोशनी में करना पड़ा. जो स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत को बयां करता है.

बता दें कि उत्तराखंड में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हमेशा ही सवाल खड़े होते आए हैं. इन दिनों चौखुटिया से ऑपरेशन स्वास्थ्य भी निकाला जा रहा है. यह अभियान कई जगहों से होकर निकल रहा है. इसके जरिए स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है.

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