विधायक टोप्पो और नायब तहसीलदार विवाद: कांग्रेस बोली- नहीं संभल रहा तो राष्ट्रपति शासन करें लागू, राजस्व निरीक्षक संघ का काम बंद
राजस्व निरीक्षक संघ के काम बंद से जनता परेशान, छात्रों के एडमिशन और खेती-किसाने से जुड़े दस्तावेज के काम प्रभावित, कांग्रेस ने खोला मोर्चा

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 3, 2026 at 6:11 PM IST
सरगुजा: विधायक और नायब तहसलीदार मारपीट मामले में राजस्व विभाग ने कामकाज बंद कर हड़ताल कर दी है. इसके चलते कई जरूरी सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहे हैं. इसे लेकर कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है. नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है और राष्ट्रपति शासन लागू करने तक की मांग कर दी है.
क्या है मामला?
सरगुजा जिले के सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार से मारपीट करने का आरोप है. नायब तहसीलदार तुषार मानिक का कहना है कि किसी दस्तावेज में साइन को लेकर विवाद बढ़ा है जिसके बाद विधायक के पीए फोन आया और घर बुलाया गया. यहां विधायक टोप्पो और उनके समर्थकों ने मारपीट की. इसके बाद से विधायक और उनके लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है.
टोप्पो की बहन ने नायब तहसीलदार पर लगाया आरोप
वहीं दूसरी तरफ राजस्व अधिकारी तुषार मानिक, जो राजापुर में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं, के खिलाफ भी टोप्पो की बहन के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने का एक अलग मामला दर्ज किया गया है. महिला ने आरोप लगाया कि वह बुधवार को प्रमाण पत्र जारी करवाने का अनुरोध करने के लिए राजापुर उप-तहसील कार्यालय गई थी, लेकिन मानिक ने गालियां दीं, अश्लील इशारे किए और उसे धक्का देकर कार्यालय से बाहर निकाल दिया.
जनता पर क्या असर पड़ रहा है?
राजस्व विभाग का कामकाज पूरी तरह ठप होने के कारण आम लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं: नए सत्र के लिए स्कूलों में एडमिशन शुरू हो रहे हैं, लेकिन जाति, निवास और आय प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं. वहीं खेती-किसानी और जमीन से जुड़े मामले अटक गए हैं.

कांग्रेस की मांग- राष्ट्रपति शासन लगाया जाए
इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी गरमा गई है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और जिला कांग्रेस अध्यक्ष बाल कृष्ण पाठक के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर ऑफिस पहुंचा. उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सरकार या तो इस विवाद को तुरंत खत्म कराए और जनता के काम शुरू करवाए. यदि सरकार से स्थिति नहीं संभाल पा रही है, तो सरगुजा और पूरे प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए.
हम कलेक्टर से मांग करते हैं कि राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा करें, रही बात सही और गलत की तो किसी भी नेता को खुद कोर्ट बनकर अधिकारियों को सजा देने का अधिकार नहीं है, अधिकारियों को कानून के मुताबिक काम करने देना चाहिए- अमरजीत भगत, पूर्व मंत्री
प्रशासन का क्या कहना है?
सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत ने कांग्रेस का ज्ञापन मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि इसे आगे सरकार के पास भेजा जा रहा है. हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को लेकर उन्होंने साफ किया कि सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए हैं. अगर कर्मचारी काम पर वापस नहीं आते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगी.

