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विधानसभा बजट सत्र को लेकर घमासान, कांग्रेस बोली- कम से कम 21 दिन चले, बीजेपी ने दिया ये जवाब

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र की तिथियों का ऐलान होते ही सियासी घमासान शुरू हो गई है. पक्ष-विपक्ष एक दूसरे को घेरने में लगे हैं.

Gairsain Budget Session 2026
बजट सत्र पर सियासत (फाइल फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 18, 2026 at 6:28 PM IST

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Updated : February 18, 2026 at 7:26 PM IST

7 Min Read
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रोहित कुमार सोनी

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा बजट का सत्र आगामी 9 से 13 मार्च तक गैरसैंण में आयोजित किया जाएगा. ऐसे में जहां एक ओर शासन और विधानसभा स्तर से बजट सत्र की तैयारियां तेज हो गई है तो वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने सरकार को सड़क से लेकर सदन तक घेरने की रणनीति तैयार करने की जुट गई है. विपक्ष बिगड़ती कानून व्यवस्था, बदहाल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, भ्रष्टाचार बेरोजगारी, मनरेगा कानून की पुनः बहाली और राजधानी गैरसैंण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है.

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय व्यय को लेकर विधानसभा बजट सत्र का आयोजन उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैण विधानसभा भवन में किया जाना है. जिसके लिए उत्तराखंड विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से विधानसभा सचिव को तिथियां तय कर पत्र भेज दी गई है.

विधानसभा बजट सत्र को लेकर घमासान (वीडियो- ETV Bharat)

ऐसे में विधानसभा बजट सत्र के इन तिथियों पर राज्यपाल की मंजूरी के लिए विधानसभा की ओर से लोकभवन पत्र भेजा गया है. जिस पर राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिव की ओर से बजट सत्र आहूत करने संबंधित फाइनल तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा. वहीं, दूसरी ओर बजट सत्र की तिथियों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गई है.

ज्यादा दिनों तक चले सदन की कार्यवाही: किसी भी राज्य के लिए विधानसभा बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि, आगामी वित्तीय वर्ष के लिए आय व्यय पेश किया जाता है. साथ ही प्रदेश की तमाम ज्वलंत मुद्दों पर सदन में चर्चा किया जाता है. यही वजह है कि विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सदन की कार्यवाही की ज्यादा दिनों तक चलाने की मांग कर रही है.

ताकि, सदन के भीतर जनता से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों और ज्वलंत मुद्दों पर बेहतर ढंग से चर्चा किया जा सके. क्योंकि, जनता को अपने विधायकों से उम्मीदें होती है कि उनके क्षेत्र की समस्याओं को सदन के भीतर उठाया जाएगा, लेकिन ज्यादा दिन सदन की कार्यवाही न चलने की वजह से बेहतर ढंग से सदन के भीतर चर्चा नहीं हो पाती है.

Gairsain Budget Session 2026
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन (फाइल फोटो- ETV Bharat)

पिछले साथ गैंरसैंण में क्यों नहीं हो पाया बजट सत्र? इस सवाल पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने अपना जवाब दिया. उनका कहना था कि इस बार बजट सत्र गैंरसैंण में आयोजित किया जा रहा है. क्योंकि, विधानसभा भवन का मेंटेनेंस कार्य पूरा हो चुका है. पिछली बार काम चल रहा था. इसलिए वहां आहूत नहीं हो पाया.

"पिछले साल बजट सत्र को भी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में कराए जाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया था, लेकिन उस दौरान विधानसभा भवन का मेंटेनेंस कार्य चल रहा था. जिसके चलते ही पिछले साल भराड़ीसैंण में सत्र आहूत नहीं हो पाया.

वर्तमान समय में भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के मेंटेनेंस का काम पूरा हो चुका है. ऐसे में आगामी विधानसभा बजट सत्र की तैयारी विधानसभा स्तर से तेज हो गई है."- ऋतु खंडूड़ी, विधानसभा अध्यक्ष

स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने बताया कि विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से सत्र की तिथियों से संबंधित पत्र मिल गया है. ऐसे में इन तिथियां पर राज्यपाल की मंजूरी के लिए पत्र लोक भवन भेजा गया है. लिहाजा, राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधानसभा स्तर से तिथियों का ऐलान कर दिया जाएगा.

सीएम धामी बोले- समावेशी बजट पेश करने का प्रयास: विधानसभा बजट सत्र के तिथियों का ऐलान होने के बाद राज्य सरकार बजट के स्वरूप को तैयार करने की कवायद में जुटी हुई है. जिसके सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बजट सत्र से पहले प्री बजट कंसल्टेशन हो रहा है. जिसके तहत अलग-अलग वर्गों के साथ तमाम कार्यक्रम किए जा चुके हैं.

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उत्तराखंड विधानसभा परिसर गैरसैंण (फाइल फोटो- ETV Bharat)

लिहाजा, समाज के तमाम आयामों और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोग हैं, उनके विचार लिए जा रहे हैं. ऐसे में व्यापारियों, किसानों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, जनप्रतिनिधियों, समाज के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के विचारों को समाहित करते हुए अच्छा बजट पेश किया जाए, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है.

सत्र कम से कम 21 दिन चले: गैरसैंण में होने जा रहा विधानसभा बजट सत्र पांच दिनों का होगा. ऐसे में बजट सत्र के लिए 5 दिन तय किए जाने पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सवाल उठा रही है. कांग्रेस ने इसे नाकाफी बताया है. उनका कहना है कि 5 दिन में चर्चा नहीं की जा सकती. कम से कम 21 दिन होने चाहिए.

"नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मांग की है कि सदन की कार्यवाही कम से कम 21 दिन तक चलनी चाहिए. क्योंकि, सदन की कार्यवाही लंबी चलने से तमाम मुद्दों पर बेहतर ढंग से गहन मंथन होता है. साथ ही सदन में भीतर उन मुद्दों पर चर्चा हो और उसके निदान के लिए बातें हो.

ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि विपक्ष जो विषय सदन में उठा रहा है, उसका निदान करें. क्योंकि, विपक्ष प्रदेश की जनता की आवाज है."-लखपत बुटोला, कांग्रेस विधायक, बदरीनाथ

लखपत बुटोला ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार डरपोक बताया. यही वजह है कि आज तक सदन की कार्यवाही के दौरान सोमवार का दिन नहीं आया. पहली बार विधानसभा सदन की कार्यवाही सोमवार को शुरू हो रही है, लेकिन उस दिन राज्यपाल का अभिभाषण होना है.

"पिछली विधानसभा सत्र चार दिनों तक चला, लेकिन उस दौरान भी सरकार अनुपूरक बजट बांटकर चली गई. जबकि, करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी सदन सही ढंग से नहीं चलाया गया और विपक्ष के सवालों के जवाब नहीं दिए गए.

पिछली विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे. ऐसे में अगर सरकार उस दौरान विपक्ष की सुन ली होती तो आज प्रदेश में हत्याएं नहीं हो रहा होता."- लखपत बुटोला, कांग्रेस विधायक, बदरीनाथ

कांग्रेस विधायक क्यों नहीं रुकते गैरसैंण: वहीं, बीजेपी विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आगामी विधानसभा बजट सत्र के तिथियों का ऐलान हो गया है. विधानसभा बजट सत्र की अवधि बिजनेस के ऊपर निर्भर करता है. साथ ही सत्र के कार्य दिवस का कार्यक्रम कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय की जाती है.

"कार्यमंत्रणा समिति में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह के साथ ही सत्ता पक्ष के कुछ लोग शामिल होते हैं. यही लोग मिलकर टास्क को तय करते हैं, लेकिन कांग्रेस विधायक गैरसैंण में जाने के बाद ही वापस आने की तैयारी में लग जाती है और सत्र को चलने नहीं देती है.

अगर कांग्रेस को लगता है कि गैरसैंण में ज्यादा दिन रहने से कुछ बेहतर होने वाला है तो कांग्रेस के विधायक वहां रुकते क्यों नहीं है? सत्र उतने दिन ही चलेगा, जितना उसका टास्क होगा."- विनोद चमोली, बीजेपी विधायक, धर्मपुर

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Last Updated : February 18, 2026 at 7:26 PM IST