छत्तीसगढ़ में SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग, निर्वाचन आयोग पहुंचे कांग्रेस नेता, बोले-बाढ़ और फसल कटाई के चलते बढ़े अंतिम तारीख
कांग्रेस नेताओं ने कहा- ग्रामीण क्षेत्र, बाढ़, धान कटाई का समय होने के चलते मतदाता सूची पुनरीक्षण में आ रही परेशानी.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : November 13, 2025 at 7:48 PM IST
रायपुर. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाने की मांग की है. कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर 6 बिंदुओं वाला ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक चुनावी प्रक्रिया की जानकारी पहुंचाने और दस्तावेज जुटाने में समय की भारी कमी हो रही है.
ग्रामीण और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें: ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ग्रामीण, आदिवासी और वन क्षेत्रों में बसा है, जहां संपर्क और परिवहन सुविधाएं सीमित हैं. हाल ही में बस्तर क्षेत्र में आई बाढ़ से कई परिवार विस्थापित हुए हैं, जिनके दस्तावेज और पहचान पत्र नष्ट हो गए हैं. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पुनर्वास कार्य जारी है, ऐसे में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना मानवीय और आवश्यक कदम होगा.
किसानों की व्यस्तता और पारदर्शिता का सवाल: कांग्रेस ने यह भी कहा कि फिलहाल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में धान कटाई और मिंजाई का काम जोरों पर है. ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान निर्वाचन प्रक्रिया में भाग नहीं ले पा रहे हैं. पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और व्यापक जनभागीदारी के लिए समय और अवसर जरूरी है, ताकि कोई मतदाता वंचित न रहे.
सटीक डाटा और निष्पक्ष प्रक्रिया के लिए समय जरूरी: ज्ञापन में कहा गया है कि जब 2028 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है, तब मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए पर्याप्त समय देने से सटीक और प्रमाणिक डाटा तैयार किया जा सकेगा. कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया कि पारदर्शी, स्वच्छ और सहभागी प्रक्रिया के लिए SIR की अंतिम तिथि 4 दिसंबर से आगे बढ़ाई जाए.
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, ताम्रध्वज साहू, पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू, विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह, शैलेश नितिन त्रिवेदी, सफी अहमद, महामंत्री सकलेन कामदार, कन्हैया अग्रवाल और मो. सिद्दिक शामिल थे.

