नकटी पर कांग्रेस का बड़ा हमला, भाजपा सरकार और मंत्री ओपी चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप, राज्यपाल से मिलेगी पार्टी
नकटी बुलडोजर एक्शन और विस्थापन विवाद पर कांग्रेस ने साय सरकार को घेरा है और कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 7, 2026 at 4:49 PM IST
रायपुर: नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ और विस्थापन की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है. राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने ऐलान किया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करेगा. कांग्रेस ने सरकार पर गरीबों के साथ क्रूरता, अवैध कार्रवाई और तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए मंत्री ओपी चौधरी और भाजपा नेताओं को भी निशाने पर लिया.
10 जुलाई को राज्यपाल से मिलेगी कांग्रेस
वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू ने कहा कि नकटी मामले को लेकर राज्यपाल से समय मांगा गया था और 10 जुलाई को मिलने का समय मिल गया है. कांग्रेस राज्यपाल से पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर गरीब परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की मांग करेगी. उन्होंने कहा कि राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख हैं, इसलिए पहले उनके सामने पूरा मामला रखा जाएगा. यदि सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगी.
भाजपा सरकार ने गरीबों पर दिखाई क्रूरता- धनेन्द्र साहू
धनेन्द्र साहू ने कहा कि नकटी में की गई तोड़फोड़ भाजपा सरकार का आपराधिक कृत्य है. बिना किसी कार्ययोजना के 50 वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों के घर तोड़ दिए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को बुलडोजर चलाकर लोगों को बेघर किया गया और बारिश के मौसम में गरीब परिवारों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया गया. कांग्रेस ने इसे अमानवीय और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई बताया.
"85 मकान और 25 से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास तोड़े"
कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने नकटी में 85 मकानों के साथ 25 से अधिक प्रधानमंत्री आवास भी तोड़ दिए. धनेन्द्र साहू ने कहा कि जिन लोगों के प्रधानमंत्री आवास टूट गए, वे अब दोबारा इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन अवैध थी तो वहां प्रधानमंत्री आवास कैसे बने, बिजली कनेक्शन कैसे मिले, राशन कार्ड और आधार कार्ड कैसे जारी हुए.
बरसात में विस्थापन नियमों के खिलाफ
धनेन्द्र साहू ने कहा कि मानवीय आधार पर बरसात के मौसम में विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जाती. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मानसून आने के बाद जमीन का सीमांकन भी नहीं होता, लेकिन सरकार ने 29 जून को बुलडोजर चलाकर नियमों की अनदेखी की. कांग्रेस ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी और असंवेदनशील कार्रवाई बताया.
पूरे गांव पर मंडरा रहा खतरा
धनेन्द्र साहू ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने केवल खसरा नंबर 460 ही नहीं बल्कि 465, 524, 698, 700 और 701 समेत करीब 29.172 हेक्टेयर यानी लगभग 72 एकड़ जमीन खाली कराने की तैयारी की है. कांग्रेस का आरोप है कि इसका मतलब पूरे नकटी गांव पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है.
भू-माफियाओं की भी जांच हो- कांग्रेस
धनेन्द्र साहू ने मांग की कि नकटी की पूरी जमीन का ऑडिट कराया जाए. यह जांच हो कि किसके नाम कितनी जमीन है और किन लोगों ने जमीन पर कब्जा किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में भू-माफिया सक्रिय हैं और सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है.
ओपी चौधरी और भाजपा नेताओं पर झूठ बोलने का आरोप
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन केदार कश्यप कहते हैं कि विधायकों के आवास की कोई योजना नहीं है, जबकि आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव का अक्टूबर 2024 का पत्र कुछ और ही बताता है. उन्होंने दावा किया कि उस पत्र में स्पष्ट रूप से नकटी में षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने का उल्लेख है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी गलती छिपाने के लिए झूठ बोल रही है.
कांग्रेस ने ओपी चौधरी को घेरा
सुशील आनंद शुक्ला और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने विधानसभा की कार्यवाही का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि जब विधायक धर्मजीत सिंह ने आवास को लेकर सवाल पूछा था, तब मंत्री ओपी चौधरी ने स्वयं नकटी में जमीन चिन्हित होने की बात कही थी. कांग्रेस का आरोप है कि अब भाजपा जनता के सामने इस तथ्य से इनकार कर रही है.
विधायक आवास का प्रस्ताव खारिज हुआ था- विकास उपाध्याय
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा लगातार झूठ फैला रही है कि कांग्रेस सरकार ने नकटी में विधायक आवास की योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ऐसा प्रस्ताव जरूर आया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं दी गई और न ही किसी ग्रामीण को हटाने का नोटिस जारी किया गया था.
पुनर्वास के बिना बुलडोजर एक्शन
विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना समुचित पुनर्वास के लोगों के घर तोड़ दिए. जिन परिवारों को बसाया गया, उन्हें वर्तमान निवास से काफी दूर भेजा गया है. कई जगह एक कमरे का मकान देकर 20 से 25 सदस्य वाले परिवारों को रहने के लिए मजबूर किया गया है. वहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं.
ग्रामवासियों को अतिक्रमणकारी बताना अपमानजनक- श्रीकुमार शंकर मेनन
जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने कहा कि वर्षों से रहने वाले मूल ग्रामवासियों को अतिक्रमणकारी बताना बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता केवल बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि गरीबों की आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विस्थापन के बाद सैकड़ों गाय और अन्य पशु कहां जाएंगे.
ओपी चौधरी पर कांग्रेस के गंभीर आरोप
श्रीकुमार शंकर मेनन ने आरोप लगाया कि जब-जब ओपी चौधरी सत्ता में रहे, तब-तब गरीबों के मकान और दुकानें तोड़ी गईं. उन्होंने रायपुर के खालसा स्कूल के पास, मरही माता मंदिर, मोवा, कचना और साइंस कॉलेज चौपाटी क्षेत्र में हुई तोड़फोड़ का भी जिक्र किया.
गरीबों से भाजपा को इतनी नफरत क्यों?- राजेन्द्र पप्पू बंजारे
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे ने कहा कि भाजपा सरकार विधायकों के आवास के लिए गरीबों को उजाड़ रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि रोजी-मजदूरी, ठेला और खोमचा चलाने वाले गरीबों से भाजपा को इतनी नफरत क्यों है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे, उन्हें भी अवैध बताकर तोड़ा गया और आधी रात को पुलिस भेजकर डराया गया.
नकटी में तोड़फोड़ रोकी जाए- कांग्रेस
कांग्रेस ने मांग की है कि नकटी गांव में गरीबों का विस्थापन तत्काल रोका जाए. पार्टी का कहना है कि नया रायपुर में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, इसलिए विधायक आवास के लिए किसी अन्य स्थान का चयन किया जाए. साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, पूरी जमीन की जांच और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की भी मांग की गई.
नकटी विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर गर्माता दिख रहा है. कांग्रेस 10 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेगी और जरूरत पड़ने पर कोर्ट जाने की भी चेतावनी दे चुकी है. दूसरी ओर भाजपा सरकार और मंत्री ओपी चौधरी पर लगाए गए आरोपों ने प्रदेश की सियासत को और तेज कर दिया है.

