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25 फरवरी को सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना देगा विपक्ष, हरीश रावत रखेंगे 1 घंटे का मौन उपवास

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने देहरादून गांधी पार्क में धरना देने का किया ऐलान, हरीश रावत बोले- लोगों को मिले मालिकाना हक

HARISH RAWAT STRIKE
कांग्रेस नेता हरीश रावत समेत अन्य पार्टी के नेता (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 22, 2026 at 9:06 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने आगामी 25 फरवरी को देहरादून के गांधी पार्क में सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना देने का ऐलान किया है. कांग्रेस भवन में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाए गए कि सरकार नियमों को दरकिनार कर ऋषिकेश, बिंदुखत्ता, पूछड़ी समेत कई इलाकों को खाली कराने का काम कर रही है. ऐसे में उनकी मांग है कि साल 2016 की कट ऑफ डेट को मानकर बस्ती और वन भूमि वालों को मालिकाना हक दिया जाए.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में राज्य में भूमि सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन साल 2017 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई. उन्होंने कहा कि सालों से विभिन्न खत्तों, गोटों, टोंगिया ग्रामों जैसे गांधी ग्राम, हरि ग्राम इंदिरा ग्राम आदि बसासतों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिए जाने की मांग कई सालों से उठ रही है. ऐसे ग्रामों को राज्य सरकार राजस्व गांव घोषित करे या फिर इन गांवों में बसे लोगों के हितों को संरक्षित किया जाए.

सरकार की नीतियों के खिलाफ धरना देगा विपक्ष (वीडियो- ETV Bharat)

उन्होंने कहा कि साल 2016 में राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल के फैसले के जरिए सरकारी भूमि, ग्राम समाज की भूमियों या अन्य जमीनों पर रहने वाले करीब दो से ढाई लाख छोटे कब्जेदारों को मालिकाना हक दिए जाने का फैसला लिया था, लेकिन आज उनको सिस्टमेटिक तरीके से सरकार उजाड़ रही है और उनके पट्टे रद्द करके सरकार अपने कब्जे में ले रही है.

मालिकाना हक की बजाय उजाड़ने का हो रहा प्रयास: उन्होंने कहा कि राज्य की विधानसभा ने मलिन बस्तियों को लेकर एक कानून पारित किया था, जिसमें साल 2016 से पहले बसी बस्तियों को वर्गीकृत किया गया था. उसमें ये कहा गया था कि इन बस्तियों में बसे लोगों को मालिकाना हक दिया जाएगा, लेकिन अब देहरादून में उनको भी उजाड़ने की प्रयास किए जा रहे हैं.

सीलिंग या दूसरे तरीकों से जिन जमीनों को एकीकृत किया गया था. ताकि, राज्य के भूमिहीनों और आपदाग्रस्त गांवों को वहां पुनर्वासित किया जा सके, लेकिन अब सरकार ऐसी जमीनों को पूंजीपतियों को लीज पर दे रही है. उन जमीनों को खुर्द बुर्द कर रही है. ऐसे में आम लोगों के अस्तित्व के साथ जुड़े इन बिंदुओं को लेकर इंडिया गठबंधन, तमाम सामाजिक जन सरोकारों से जुड़े संगठन 25 फरवरी को गांधी पार्क में धरना देंगे. वहीं, हरीश रावत 1 घंटे का मौन व्रत भी रखेंगे.

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