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गिरौदपुरी मेले में आस्था के साथ टेक्नोलॉजी का संगम, सुविधाओं के साथ सुरक्षा पर भी जोर, QR कोड से मिलेगी हर जानकारी

बलौदाबाजार में गिरौदपुरी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में है.इस बार सुरक्षा के साथ मेले में टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

Giroudpuri fair
गिरौदपुरी मेले में आस्था के साथ टेक्नोलॉजी का संगम (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 19, 2026 at 7:19 PM IST

6 Min Read
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बलौदाबाजार : संत शिरोमणि बाबा गुरुघासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में 22 से 24 फरवरी तक आयोजित होने वाले संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं.मेले को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। इसी क्रम में कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गुरुवार को गिरौदपुरी पहुंचकर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया.

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

इस बार मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुल 1150 पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है.मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनका सीधा फीड मुख्य कंट्रोल रूम में रहेगा. यहां से पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा 9 अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके.भीड़ को नियंत्रित रखने और सुचारू आवागमन के लिए ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया गया है.वायरलेस सेट, बैरिकेडिंग और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जा रहे हैं.

स्वास्थ्य शिविर का भी होगा इंतजाम

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेला परिसर में 8 स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे. एक मोबाइल मेडिकल यूनिट लगातार सक्रिय रहेगी. इसके अलावा 10 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल और 10 एंबुलेंस तैनात रहेगी.

गिरौदपुरी मेले में आस्था के साथ टेक्नोलॉजी का संगम (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 8 अग्निशमन वाहन भी उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 9 हेल्थ कैंप संचालित किए जाएंगे, जहां प्राथमिक उपचार से लेकर आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो- भावना गुप्ता, एसपी

स्वच्छता और पेयजल की व्यापक व्यवस्था

मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए 550 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है. 100 अस्थायी शौचालय, 16 चलित शौचालय और 80 स्थायी शौचालय की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा 55 स्नानागार बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके. पेयजल आपूर्ति के लिए 250 अस्थायी टेप नल कनेक्शन और 48 पानी टैंकर लगाए जाएंगे.

SP Collector visited the fair site
एसपी कलेक्टर ने किया मेला स्थल का दौरा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


दाल-भात केंद्र और जनसुविधाओं में इजाफा

श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार 220 स्वयं सहायता समूहों का चयन दाल-भात केंद्र संचालन के लिए किया गया है. इससे स्थानीय समूहों को रोजगार का अवसर मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुलभ दर पर भोजन उपलब्ध होगा. प्रशासन ने हेलीपेड, जैतखाम, गुरु मंदिर मार्ग, छाता पहाड़ और बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की.

administration ready for the preparations
मेला की तैयारियों को लेकर प्रशासन मुस्तैद (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

गिरौदपुरी मेले में डिजिटल क्रांति

आस्था, परंपरा और जनसुविधाओं के संगम बने गिरौदपुरी मेले में इस बार तकनीक की नई पहल देखने को मिली है. जिला प्रशासन ने मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है. अब श्रद्धालु अपने एंड्रॉइड मोबाइल से ही भोजन, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा, कंट्रोल रूम, स्नानघर और शौचालय जैसी व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

information available through QR code
क्यू आर कोड से मिलेगी हर जानकारी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


एक क्लिक में पूरी जानकारी

प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, [www.giraudpurimela.com](http://www.giraudpurimela.com) पर मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध रहेगा. इसके साथ ही [https://giraudpurimela.com/app-install](https://giraudpurimela.com/app-install) लिंक के माध्यम से मोबाइल ऐप डाउनलोड किया जा सकता है. ऐप और वेबसाइट दोनों को सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया गया है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु आसानी से इसका उपयोग कर सकें.

एप के माध्यम से मिलेगी कई जानकारी

वेबसाइट और ऐप के माध्यम से श्रद्धालु भोजनालयों की लोकेशन, पेयजल केंद्र, पार्किंग स्थल, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एम्बुलेंस सुविधा, कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर, स्नानघर और निस्तारी स्थल की जानकारी तत्काल प्राप्त कर सकेंगे. खास बात यह है कि इन सभी व्यवस्थाओं को मेले के नक्शे से जोड़ा गया है, जिससे लोग अपनी वर्तमान स्थिति के आधार पर निकटतम सुविधा केंद्र तक पहुंच सकेंगे.

SP Collector visited the fair site
कार्यक्रम स्थल को लेकर दिए गए निर्देश (ETV BHARAT CHHATTISGARH)



क्यूआर कोड से मिलेगी त्वरित सुविधा

मेले के प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जा रहे हैं.श्रद्धालु अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे वेबसाइट या ऐप पर पहुंच सकते हैं. इससे उन्हें लंबी पूछताछ या भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बड़े-बड़े बैनरों पर मेले का विस्तृत नक्शा भी लगाया गया है, ताकि बिना मोबाइल उपयोग करने वाले लोगों को भी दिशा-निर्देश मिल सके. प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहल से भीड़ प्रबंधन और सूचना संप्रेषण में काफी सुधार होगा. पहले जहां लोगों को सुविधा केंद्र ढूंढने में समय लगता था, वहीं अब यह जानकारी उनके हाथों में होगी.



श्रद्धालुओं के लिए राहत

हर साल गिरौदपुरी मेले में प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से व्यवस्थाओं को सुचारू रखना चुनौतीपूर्ण होता है. इस बार प्रशासन ने तकनीक का सहारा लेकर व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है.

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल सुविधाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से तत्काल संपर्क भी संभव होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी यह तकनीकी पहल कारगर साबित होगी. वेबसाइट और ऐप के जरिए व्यवस्थाओं की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध होने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी. श्रद्धालु यह जान सकेंगे कि कौन-कौन सी सेवाएं कहां उपलब्ध हैं और उनका उपयोग कैसे करना है- दीपक सोनी,कलेक्टर


आधुनिकता के साथ परंपरा

गिरौदपुरी मेला आस्था का केंद्र है, जहां हर वर्ष श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश लेकर लौटते हैं. इस बार तकनीक के जुड़ाव ने मेले को और व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप दिया है. प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित व सुव्यवस्थित वातावरण में दर्शन और पूजन कर सकें. डिजिटल प्लेटफॉर्म की यह शुरुआत आने वाले वर्षों में और अधिक उन्नत सुविधाओं का आधार बनेगी.

भविष्य में इसमें लाइव अपडेट, ट्रैफिक अलर्ट और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं. कुल मिलाकर, गिरौदपुरी मेले में वेबसाइट, मोबाइल ऐप और क्यूआर कोड की शुरुआत श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होने जा रही है. तकनीक और सेवा के इस संगम से मेला अब और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित नजर आएगा.

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