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कानपुर: बलराम प्राकट्योत्सव और झूलन यात्रा का भव्य समापन, सिंगापुर और थाइलैंड से मंगाए गए थे दुर्लभ पुष्प

भक्ति के रंग में डूबा इस्कॉन कानपुर! हर्षोल्लास के साथ मना बलराम प्राकट्योत्सव

सौ. मीडिया सेल, इस्कॉन
हर्षोल्लास के साथ मना बलराम प्राकट्योत्सव (सौ. मीडिया सेल, इस्कॉन)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 28, 2026 at 4:42 PM IST

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कानपुर: शहर में इस्कॉन की तरफ से शुक्रवार को बलराम पूर्णिमा का पावन पर्व उत्साह के साथ मनाया गया. तेज बारिश के बावजूद भारी संख्या में पहुंचे भक्तों ने मंदिर में इस भव्य आयोजन का आनंद लिया. शास्त्रों के अनुसार, श्री बलराम जी, भगवान श्री कृष्ण के प्रथम विस्तार हैं. वे आदि गुरु तत्व के रूप में पूजनीय हैं और अनंतशेष रूप में संपूर्ण ब्रह्मांड को धारण करते हैं. उनके आगमन पर मंदिर प्रांगण को सजाया गया था.

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बलराम प्राकट्योत्सव एवं झूलन यात्रा (Photo Credit; ETV Bharat)

बलराम पूर्णिमा के अवसर पर दिन की शुरुआत दर्शन आरती के साथ हुई, जिसके बाद प्रातः कालीन श्रीमद्भागवतम् सत्र आयोजित हुआ. इस दौरान इस्कॉन कोलकाता से पधारे और आईआईटी खड़गपुर से शिक्षित महारास प्रभुजी ने भगवान बलराम के गोपनीय तत्वों पर कथा सुनाई. उसके बाद मृदंग और करताल की गूंज के साथ कीर्तन का आयोजन किया गया.

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बलराम प्राकट्योत्सव एवं झूलन यात्रा (Photo Credit; ETV Bharat)

सुबह 11 बजे चांदी के कलशों और पंचगव्य से भगवान श्री बलराम के अनंतशेष स्वरूप का महाभिषेक किया गया. मध्याह्न में 108 महाभोग अर्पित करने के बाद विशेष आरती हुई और श्रद्धालुओं में महाप्रसाद वितरित किया गया. इसी दिन श्रीराधा-कृष्ण की झूलन यात्रा का समापन भी हुआ. सिंगापुर और थाइलैंड से मंगाए गए दुर्लभ आर्केड पुष्पों से झूले सजाए गए थे. रक्षाबंधन के पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संकीर्तन के बीच भगवान को झूला झुलाया.

सौ. मीडिया सेल, इस्कॉन
बलराम प्राकट्योत्सव एवं झूलन यात्रा (सौ. मीडिया सेल, इस्कॉन)

कार्यक्रम के अंत में इस्कॉन कानपुर के मंदिर अध्यक्ष प्रेम हरिनाम प्रभुजी ने सभी भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया. साथ ही उन्होंने आगामी 3, 4 और 5 सितंबर को मंदिर में आयोजित होने वाले भव्य जन्माष्टमी महोत्सव की जानकारी दी, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दिव्य कथा और अभिषेक के दिव्य आयोजनों में सभी को भाग लेने का आमंत्रण दिया.

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