नक्सल दौर से बाहर निकलता पलामू, औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मंत्री और विधायकों के साथ की बैठक
झारखंड और पलामू में इंडस्ट्री के क्षेत्र में संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का कॉन्क्लेव आयोजित किया गया.

Published : December 21, 2025 at 8:40 PM IST
|Updated : December 21, 2025 at 9:19 PM IST
पलामू: नक्सल दौर से बाहर निकलते हुए पलामू के इलाके में औद्योगिक विकास की योजना तैयार की जा रही है. झारखंड गठन के बाद पलामू के इलाके में किसी भी प्रकार के नए उद्योग नहीं लगे हैं. फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का एक कॉन्क्लेव रविवार को पलामू में हुआ है. कॉन्क्लेव में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, सांसद विष्णुदयाल राम, विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के अलावा राज्य के कई बड़े उद्योगपतियों ने भाग लिया.
इस कॉन्क्लेव में पलामू के इलाके में औद्योगिक विकास की संभावनाओं को तलाशा गया. वित्त मंत्री, सांसद और विधायकों की तरफ से उद्योगपतियों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया है. कॉन्क्लेव की मेजबानी पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने की. पहले चरण में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक हुई, जिसमें झारखंड में औद्योगिक विकास को लेकर कई चर्चाएं हुईं.
दूसरे चरण में पलामू के इलाके में औद्योगिक विकास को लेकर चर्चाएं हुईं. कॉन्क्लेव में कहा गया कि झारखंड की स्थापना के 25 वर्ष हो गए हैं. पलामू का इलाका उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार से सटा हुआ है. नक्सली, बिजली, पानी और कनेक्टिविटी का हवाला देकर उद्योग का विकास नहीं हुआ है. इस इलाके में उद्योग की अपार संभावनाएं हैं.
पलामू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर ने मंत्री, जनप्रतिनिधि और फेडरेशन ऑफ झारखंड कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों के सामने पलामू के इलाके में औद्योगिक विकास को लेकर बातें रखीं. आनंद शंकर ने कहा कि पलामू के इलाके में नक्सलवाद कमजोर होने के बाद हालात बदले हैं. पलामू के रेहला स्थित आदित्य बिरला ग्रुप के फैक्ट्री का संचालन अच्छे तरीके से किया जा रहा है. इस इलाके में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं.
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ कई मुद्दों पर बात हुई है. लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए पहल की जा रही है. पलामू के इलाके के लिए भी औद्योगिक विकास की संभावनाएं देखी जा रही है. कॉन्क्लेव और बैठक में जो बातें सामने आई हैं उसे सरकार के समक्ष रखा जाएगा.
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