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पेरेंट्स को बताएं, स्कूलों में मोबाइल-स्मार्ट वॉच हेडफोन का नहीं कोई काम, नए साल से क्लास में टीचर भी नहीं ला सकेंगे मोबाइल

शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार अब स्कूलों में स्टूडेंट्स मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स नहीं ले जा सकेंगे.

स्टूडेंट्स स्कूल नहीं ले जाएंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
स्टूडेंट्स स्कूल नहीं ले जाएंगे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (IANS)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 22, 2025 at 3:12 PM IST

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शिमला: मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के निरंतर प्रयोग के दुष्परिणामों से सबक लेते हुए हिमाचल सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में इन पर कंप्लीट बैन लगा दिया है. नए साल के पहले दिन यानी पहली जनवरी 2026 से स्कूल के छात्र मोबाइल फोन व पीईडीज यानी पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को शिक्षण संस्थान में नहीं ला सकेंगे. मोबाइल के अलावा बच्चे स्मार्ट घड़ियां, हेडफोन, फिटबिट्स आदि के स्कूल लाने पर पूर्ण रूप से बैन लगा दिया गया है. इस आशय का इंस्ट्रक्शन लेटर सभी स्कूलों को जारी कर दिया गया है.

शिक्षा सचिव की तरफ से जारी निर्देश पत्र में साफ कहा गया है, 'स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में पैरेंट्स को स्पष्ट रूप से बता दिया जाए कि स्कूलों में मोबाइल व निजी गैजेट्स का प्रयोग करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. ऐसा करने पर न केवल छात्र बल्कि सभी संबंधितों पर एक्शन होगा. स्कूलों में मोबाइल लाना केवल अपवाद स्वरूप मान्य होगा. यदि कोई छात्र बीमार रहता है या फिर किसी छात्र-छात्रा का कोई सुरक्षा का मसला है तो ऐसी स्थिति में स्कूल प्रबंधन व पैरेंट्स के बीच सहमति से छूट मिल सकती है'.

स्कूल में स्टूडेंट्स के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स यूज पर लगी रोक
स्कूल में स्टूडेंट्स के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स यूज पर लगी रोक (notification)

इसके अलावा क्लास पढ़ाने के दौरान टीचर भी क्लास रूम में मोबाइल नहीं ला सकेंगे. अध्यापकों को सिर्फ अटेंडेंस, लर्निंग एप्स आदि के लिए ही इसे प्रयोग करने की अनुमति होगी. स्कूलों के मुख्य अध्यापक व प्रिंसिपल इन सभी निर्देशों का पालन करने के लिए जिम्मेदार व जवाबदेह होंगे. इसके उल्लंघन पर छात्र, शिक्षक आदि पर कार्रवाई होगी. साथ ही स्कूल मुखिया पर भी एक्शन होगा.

शिक्षा सचिव की तरफ से जारी निर्देश पत्र में मोबाइल एडिक्शन को लेकर चिंता जताई गई है. पत्र में कहा गया है कि कई देशों में मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के प्रयोग के गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं. हालत ये है कि कई स्थानों पर डी-एडिक्शन सेंटर खोलने पड़े हैं. ऐसे में हिमाचल के शिक्षा विभाग ने बच्चों को मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के गंभीर परिणामों से बचाने के लिए विस्तार से निर्देश जारी किए हैं. साथ ही शिक्षकों के भी अनावश्यक कार्यों के लिए मोबाइल आदि के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है. शिक्षा सचिव राकेश कंवर की तरफ से विस्तृत निर्देशों से जुड़ा पत्र सभी शैक्षणिक संस्थानों के भेज दिया गया है.

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