महंगी गैस ने बिगाड़ा होटल-ढाबों का बजट, हिमाचल में 20 से 50% तक बढ़ सकते हैं फूड आइटम्स के दाम
होटल-ढाबा संचालकों का कहना है कि अब सिलेंडर इतना महंगा हो गया है कि काम चलाना मुश्किल हो गया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 2, 2026 at 6:05 PM IST
कुल्लू: ईरान-अमेरिका और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में साफ दिखने लगा है. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का बजट बिगाड़ दिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि हिमाचल में आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम 20% से 50% तक बढ़ सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों और पर्यटकों की जेब पर पड़ेगा. हिमाचल की पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों ने कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पहले से गैस की कमी झेल रहे ढाबा संचालक और होटल मालिक अब बढ़ती कीमतों के कारण दोहरी मार झेल रहे हैं. उनका कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो उन्हें दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.
1800 से 3200 तक पहुंची कीमत
ढाबा संचालकों के मुताबिक, पहले जो कमर्शियल सिलेंडर करीब 1800 रुपये में मिलता था, अब उसकी कीमत करीब 3200 रुपये तक पहुंच गई है. पिछले तीन महीनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. 1 मार्च को 114.50 रुपये, 1 अप्रैल को 195.50 रुपये और हाल ही में करीब 993 रुपये की वृद्धि हुई है. कुल मिलाकर 1300 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है.
पर्यटन उद्योग पर असर
हिमाचल में हजारों होटल, होमस्टे और ढाबे पर्यटकों को सेवाएं देते हैं. अकेले कुल्लू जिले में 3000 से ज्यादा होटल-होमस्टे और करीब 10 हजार छोटे ढाबे हैं. गैस की कमी और महंगाई के कारण कई जगहों पर मेन्यू सीमित कर दिया गया है, जिससे पर्यटन कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. कारोबारियों का कहना है कि अगर गैस की कीमतें ऐसे ही बढ़ती रहीं तो उन्हें खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने होंगे. अनुमान है कि आने वाले दिनों में फूड आइटम्स 20% से 50% तक महंगे हो सकते हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों और पर्यटकों की जेब पर पड़ेगा.
क्या कहते हैं होटल-रेस्टोरेंट कारोबारी?
ढालपुर में ढाबा चलाने वाली उषा ठाकुर ने कहा, “हमें समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे. बुकिंग के बाद 10-15 दिन इंतजार करना पड़ता है. अब कीमतें भी बढ़ गई हैं. ऐसे में ढाबा चलाना मुश्किल हो गया है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो बंद करने की नौबत आ सकती है.”
ढाबा संचालक राहुल ने कहा कि सरकार को इस समय गैस के दाम कम करने चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो छोटे कारोबार पूरी तरह ठप हो जाएंगे. मजबूरी में खाने के दाम बढ़ाने होंगे, जिससे ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा. वहीं, पीपल मेले में सिड्डू बेचने वाली शीला नेगी ने कहा कि गैस नहीं मिलने के कारण हमें चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है. अब एक सिलेंडर करीब 3500 रुपये में पड़ रहा है. ऐसे में काम करना बहुत मुश्किल हो गया है.
फूड स्टॉल संचालक मनीष शर्मा ने कहा, "गैस महंगी हो गई है, लेकिन खाने के दाम बढ़ाने पर ग्राहक कम हो जाएंगे. अगर दाम नहीं बढ़ाते तो हमें नुकसान होता है. ऐसे में दुकानदारों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है."
दुकानदारों का कहना है कि अब सिलेंडर इतना महंगा हो गया है कि काम चलाना मुश्किल हो गया है. हफ्ते में एक सिलेंडर खत्म हो जाता है और नया 10-15 दिन बाद मिलता है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है. अगर गैस की कीमतें कम नहीं हुईं और सप्लाई नहीं सुधरी, तो आने वाले समय में हिमाचल के होटल, ढाबा और फूड कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा. साथ ही आम लोगों को भी महंगे खाने का सामना करना पड़ सकता है.
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