बलौदाबाजार में हर्बल होली को बढ़ावा, कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से खरीदा गुलाल
हर्बल गुलाल, पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर विकल्प होता है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 3, 2026 at 8:06 PM IST
बलौदाबाजार: बलौदाबाजार कलेक्टोरेट परिसर में लगे स्टॉल पर पहुंचकर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल की खरीदी की. उन्होंने न केवल उत्पाद की सराहना की, बल्कि आम लोगों से भी अपील की कि इस बार होली पर प्राकृतिक और हर्बल रंगों का ही उपयोग करें.
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने की तारीफ
कलेक्टर ने कहा कि हर्बल गुलाल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाता. उन्होंने समूह की महिला सदस्यों को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की खुलकर तारीफ की.
महिलाओं ने प्राकृतिक फूल पौधों का उपयोग कर गुलाल बनाया है. प्राकृतिक गुलाल का उपयोग करने से बहुत अच्छा महसूस होता है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. मैं आप सभी से अपील करता हूं कि स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाल का उपयोग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें-कुलदीप शर्मा, कलेक्टर, बलौदाबाजार
‘जय माता vaishnavi' समूह की मेहनत ने बदली पहचान
बलौदाबाजार जिले के ग्राम धमनी की ‘जय माता vaishnavi स्व सहायता समूह’ की 11 महिलाएं इन दिनों हर्बल गुलाल बना रहीं हैं. महिलाएं पलाश, गेंदा, पालक, चुकंदर से गुलाल बना रहीं हैं, जो पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित और सुगंधित है.
बाजार में भी हर्बल गुलाल की मांग तेजी से बढ़ रही है. कलेक्टोरेट परिसर में लगाए गए स्टॉल पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखी गई. समूह की सदस्यों ने बताया कि शुरुआत में यह एक छोटा प्रयास था, लेकिन लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उनका हौसला बढ़ा दिया. अब वे बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी में हैं.
घर की दहलीज से बाजार तक का सफर
समूह की महिलाओं ने बताया कि पहले वे सिर्फ घरेलू कामों तक सीमित थीं. आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था.लेकिन राज्य सरकार की योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया. उन्हें प्रशिक्षण मिला, कच्चे माल की जानकारी मिली और बाजार से जोड़ने में भी सहयोग मिला.
महिलाएं कहती हैं कि अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने उत्पाद तैयार कर रही हैं और खुद बाजार में बेच भी रही हैं. महिलाओं का कहना है कि हर्बल गुलाल की बिक्री से होने वाली आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। वे बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों को खुद पूरा कर पा रही हैं.
प्रशासन का समर्थन, आत्मनिर्भरता को बल
अधिकारियों ने स्टॉल का जायजा लिया और महिलाओं का हौसला बढ़ाया. वहीं कलेक्टर द्वारा स्टॉल पर पहुंचकर गुलाल खरीदना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मजबूत समर्थन का संदेश है.

