पदभार संभालते ही जिले के दौरे पर निकले बलौदाबाजार कलेक्टर, अस्पताल की व्यवस्था देखी, कहा- ढिलाई नहीं चलेगी
बलौदाबाजार जिले फील्ड पर दिखे नए कलेक्टर कुलदीप शर्मा, अस्पताल के साथ ही धान उपार्जन केंद्र और नालंदा परिसर निर्माण का जायजा लिया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 1, 2026 at 7:50 PM IST
बलौदाबाजार: नए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने पदभार संभालने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा शुरू की. जिला अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल के वार्ड, काउंटर और इकाइयों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सफाई, दवा और इलाज की व्यवस्थाएं सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर भी दिखनी चाहिए.
ओपीडी-आईपीडी की स्थिति पर सवाल
कलेक्टर ने पंजीयन काउंटर देखा, मरीजों की संख्या और इंतजार का समय पूछा. रोजाना लगभग 500 ओपीडी पंजीकरण होते हैं. बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
दवा स्टॉक पर कड़ी निगरानी
जन औषधि केंद्र की दवाओं की सूची, स्टॉक और एक्सपायरी की जानकारी ली. कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल में दवा मौजूद हो तो किसी मरीज को बाहर से खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए.

ट्रॉमा सेंटर से ब्लड बैंक तक निरीक्षण
कलेक्टर ने ट्रॉमा सेंटर, सीटी स्कैन, प्रसूति और सर्जिकल वार्ड, डायलीसिस यूनिट, ब्लड बैंक और पब्लिक हेल्थ लैब का निरीक्षण किया. लैब को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिलने पर टीम को बधाई दी और गुणवत्ता बनी रहने के निर्देश दिए.

रिफरल सिस्टम पर ध्यान
कलेक्टर ने PHC और CHC से आने वाले मरीजों और रेफरल मामलों की जानकारी ली. निर्देश दिए कि केवल जरूरी मामलों में ही मरीजों को बड़े अस्पतालों में भेजा जाए. जिला अस्पताल की उपलब्ध मशीन और विशेषज्ञों का पूरा उपयोग हो.

धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण
कलेक्टर ने आमेरा धान केंद्र जाकर खरीदी, उठाव और शेष धान की जानकारी ली. उठाव की गति तेज करने और ट्रकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को देर न हो.

नालंदा परिसर निर्माण की समीक्षा
निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया. कलेक्टर ने कहा कि समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा होना चाहिए. सुरक्षा, सामग्री और श्रमिक व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया.
प्रशासनिक टीम के साथ
निरीक्षण में सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल, अपर कलेक्टर ए.आर. टंडन, एसडीएम प्रकाश कोरी और सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा मौजूद थे. अधिकारियों को फील्ड में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए.
पहले दौर के निरीक्षण से साफ संकेत मिले कि प्रशासन स्वास्थ्य, किसानों और शिक्षा तीनों क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है. सफाई, दवा और इलाज की व्यवस्था, धान उठाव में तेजी और निर्माण कार्यों में गति, सभी जगह कड़े निर्देश दिए गए हैं.

