Weather Forecast : कोल्ड वेव की चपेट में राजस्थान, SMS अस्पताल में अचानक बढ़े दिल के मरीज
तापमान में लगातार गिरावट और शीतलहर ने बढ़ाई चिंता. बढ़ती ठंड बन रही जानलेवा. मॉर्निंग वॉक अवॉयड करें. जानिए प्रदेश की स्थिति...

Published : January 9, 2026 at 5:18 PM IST
जयपुर: प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का असर जबरदस्त देखने को मिल रहा है. तापमान में लगातार गिरावट और शीतलहर ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा दी है. राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में दिल से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा देखा जा रहा है. अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में हार्ट अटैक, चेस्ट पेन, हाई ब्लड प्रेशर और सांस की तकलीफ लेकर आने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक है. खासतौर पर सुबह के समय इमरजेंसी में हार्ट पेशेंट्स की संख्या बढ़ रही है.
सवाईमान सिंह अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि आम दिन की तुलना में सर्दी के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ती है. खासकर दिल और ब्रेन हैमरेज के मामले अधिक देखने को मिलते हैं. डॉ. शर्मा का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. यही कारण है कि सर्दियों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. बुजुर्गों, पहले से हृदय रोग से पीड़ित मरीजों, हाई बीपी और शुगर के मरीजों के लिए यह मौसम बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
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ठंड क्यों बढ़ाती है खतरा : डॉ. शर्मा का यह भी कहना है कि ठंड में लोग सुबह जल्दी टहलने या अचानक भारी शारीरिक श्रम कर लेते हैं, जो दिल के मरीजों के लिए जानलेवा हो सकता है. कई मामलों में मरीज लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है. ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है. इससे हार्ट अटैक, चेस्ट पेन और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. खासकर सुबह के समय में.

इस तरह करें बचाव : डॉक्टरों का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, शरीर को ढककर रखें और ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचें. हार्ट, बीपी और शुगर की दवाइयां नियमित रूप से लें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों में बदलाव न करें. सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना या अत्यधिक पसीना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें.

