कोडीन कफ सिरप मामला; शुभम जायसवाल के करीबी मनोज कुमार और लक्ष्य यादव गिरफ्तार, बांग्लादेश भेजते थे
एडीसीपी वैभव बांगर ने कहा कि आरोपी कोडीन कफ सिरप प्रति बोतल 10 रुपया कमीशन लेकर बांग्लादेश तक सप्लाई करते थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 5:11 PM IST
वाराणसी: कोडीन कफ सिरप मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक पर 25 हजार रुपये का इनाम था. एडीसीपी वैभव बांगर ने कहा कि अभी तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपियों की संपत्ति भी सीज़ की गई है.
शुक्रवार को पुलिस ने शुभम जायसवाल के करीबी और 25 हजार इनामिया अभियुक्त सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया. आरोपी कोडीन कफ सिरप प्रति बोतल 10 रुपया कमीशन लेकर बांग्लादेश तक सप्लाई करते थे.
फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों की तस्करी: एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल का इस्तेमाल कर न्यू फेंसाडिल (कोडीन कफ सिरप) को बड़ी मात्रा में खरीद फरोख्त की थी. ये कफ सिरफ की बोतलें थोक विक्रेताओं को न बेचकर नशे के रूप में इस्तेमाल के लिए पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश भेजी गयी थी. इसके ज़रिए हवाला से आर्थिक लाभ अर्जित किया गया था.
2 करोड़ रुपये के कफ सिरप की तस्करी: पूछताछ में अभियुक्त मनोज यादव ने बताया कि उसका ड्रग लाइसेंस लगभग 25 वर्ष पुराना है. उसने रांची (झारखंड) स्थित एक फर्म के माध्यम से करीब 1,26,000 शीशी न्यू फेंसाडिल कफ सिरप का अवैध कारोबार किया था. इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है. माल कभी वाराणसी नहीं आया. केवल ई-वे बिल-दस्तावेज बनाए गए और बाहर से बाहर ही तस्करी कर दी गई.
3 करोड़ रुपये की संपत्तियां खरीदीं: एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए रकम को LMS INFRA PRIVATE LIMITED सहित अन्य कंपनियों के खातों में जमा कराया गया. अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि हवाला के माध्यम से प्राप्त धन से अपने और परिवारजनों के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपये की कई संपत्तियां खरीदी थीं.
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