खदान से प्लांट भेजे जा रहे कोयले में गिट्टी और मिट्टी की मिलावट, पुलिस ने दर्ज किया केस
औद्योगिक नगरी कोरबा में कोयला परिवहन के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 3, 2026 at 9:10 AM IST
कोरबा: एसईसीएल के कुसमुंडा कोयला खदान से पावर प्लांट के लिए रवाना किए गए 77 टन कोयले में भारी मात्रा में गिट्टी और मिट्टी मिलाए जाने का सनसनीखेज मामला थाने तक पहुंच गया है. इस अवैध कृत्य के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने ट्रांसपोर्टेशन के लिए सौंपे गये कोयले में मिलावट और संयुक्त तौर पर सुनियोजित तरीके से इस अपराध को अंजाम दिए जाने का मामला दर्ज कर लिया है.
ये है पूरा मामला
कुसमुंडा कोयला खदान से निकलकर प्लांट तक पहुंचने वाले कोयले की गुणवत्ता और वजन में हेराफेरी की गई है. दरअसल कुसमुंडा खदान में बांकीमोंगरा निवासी संजीव शर्मा उर्फ संजू डिओ होल्डर हैं. उनके द्वारा कुसमुंडा खदान से रायगढ़ जिले के डभरा स्थित आरकेएम पावर प्लांट में कोयला भेजने का काम किया जाता है. जिसके लिए इन्होंने मार्केट से ट्रक और ट्रेलर प्रति टन के अनुसार किराए से लिया है.

बीते 24 अगस्त को संजीव शर्मा के स्टाफ प्रमोद कुमार यादव द्वारा ने दो ट्रेलर क्रमांक क्रमशः CG 12 BH 4904 और CG 10 BP 5301 में 38.020 टन और 38.390 टन आरओएम कोयला लोड कर ट्रेलर चालक जितेंद्र और राजकुमार के माध्यम से कोयला लोड कर आरकेएम पावर जनरेशन कंपनी डभरा के लिए रवाना किया गया था. यह कोयला 26 अगस्त को कंपनी तक पहुंचा, जहां कोयला अनलोड करने से पूर्व विधिवत तौर पर कोयले की क्वॉलिटी चेक की गयी. चेकिंग में पाया गया कि दोनो ट्रेलर में मिलावटी कोयला है. जिसमें गिट्टी, काली मिट्टी की मिलावट कर कंपनी को पहुंचाया गया है.
नुकसान होने पर डीओ होल्डर ने दर्ज कराया मामला
पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार मिलावटी कोयले की जानकारी मिलने पर डीओ होल्डर संजीव ने रजनिश पांडेय से संपर्क किया, जिनके द्वारा ट्रेलर को किराए पर उपलब्ध कराया गया था. रजनीश पांडेय ने दोनों गाड़ियों की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया और कहा कि वह ट्रेलर मेरे नहीं हैं. मामले में और जानकारी जुटाने पर संजीव शर्मा को पता चला कि कोयला को रास्ते मे कहीं बदला गया है. इस मिलावटी कोयले के कारण लगभग 3 लाख रुपये का नुकसान होना बताया गया है.
कोयला में हेराफेरी के इस कृत्य से आहत होकर संजीव शर्मा ने कुसमुंडा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें बताया गया है कि दोनों ट्रेलर चालकों के द्वारा उनके भेजे गये कोयले को बदल कर उसके स्थान पर मिलावटी कोयला प्लांट को दिया गया. उच्च क्वालिटी के कोयले को कहीं और खपाया गया है. जबकि प्लांट को गुणवत्ताहीन कोयला प्रदाय किया गया है.

कुसमुंडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
डीओ होल्डर की शिकायत पर कुसमुंडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की 316(3) और 3(5) धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया है. सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कोयले में मिलावट करने की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है. जिसमें 7 वर्ष तक की अधिकतम सजा और जुर्माने का प्रावधान है.
कोरबा पुलिस कर रही जांच
एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि कुसमुंडा थाने में डीओ होल्डर ने प्लांट को भेजे जाने वाले कोयले में गिट्टी और मिट्टी मिलाने की शिकायत की है. इस तरह के कोयले से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है. शिकायतकर्ता के कथन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है.

